विभु मिश्रा
नई दिल्ली। दिल्ली–एनसीआर की धड़कन कही जाने वाली मेट्रो ने सोमवार सुबह यात्रियों को बड़ा झटका दिया। डीएमआरसी ने आठ साल बाद किराए में बढ़ोतरी लागू कर दी है। अब सफर पहले से महंगा हो गया है। प्रबंधन का दावा है कि यह बढ़ोतरी “जरूरी” थी, लेकिन रोज़ाना लाखों यात्री सवाल उठा रहे हैं कि जब भीड़, देरी और सुविधाओं की कमी जस की तस है तो किराए का बोझ क्यों बढ़ाया गया।
कितना बढ़ा किराया
दिल्ली मेट्रो ने न्यूनतम से अधिकतम किराए तक सभी स्लैब में बदलाव किया है। खासतौर पर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी अलग से इजाफा किया गया है। नई दरें इस प्रकार हैं –
0–2 किमी → ₹11 (पहले ₹10)
2–5 किमी → ₹21
5–12 किमी → ₹32
12–21 किमी → ₹43
21–32 किमी → ₹54
32 किमी से अधिक → ₹64
एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन → ₹5 तक की बढ़ोतरी
दिल्ली मेट्रो का दायरा
दिल्ली मेट्रो अब पूरे एनसीआर का अहम सार्वजनिक परिवहन बन चुकी है। इसका नेटवर्क 353 किलोमीटर लंबा है और 10 लाइनों पर फैला हुआ है। इसमें 257 स्टेशन शामिल हैं। रोज़ाना औसतन 46 लाख यात्री इसमें सफर करते हैं। इसी महीने 8 अगस्त को रक्षा बंधन से एक दिन पहले 81.88 लाख यात्रियों ने मेट्रो का उपयोग किया था, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। यह साफ़ करता है कि मेट्रो लाखों लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है।
जेब पर असर
किराया बढ़ोतरी का असर सीधे आम यात्रियों की जेब पर पड़ा है। रोज़ाना 20 किलोमीटर का सफर करने वाले यात्री को अब हर महीने 200 से 250 रुपये अधिक देने होंगे। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सफर करने वाले यात्री को 300 से 400 रुपये तक अतिरिक्त खर्च झेलना पड़ेगा। नौकरीपेशा लोगों के साथ ही कॉलेज जाने वाले छात्रों और रोज़गार तलाशने वाले युवाओं के लिए यह बोझ सबसे ज्यादा भारी पड़ा है।
यात्रियों की नाराज़गी
बढ़े हुए किराए को लेकर यात्रियों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक लोग विरोध जता रहे हैं। एक यात्री ने कहा – “हर दिन ट्रेन के लिए इंतजार करना पड़ता है, डिब्बों में सांस लेना मुश्किल होता है, और अब किराया भी बढ़ा दिया। सेवा नहीं सुधरी तो किराया क्यों बढ़ा?”
एक अन्य छात्र ने तंज कसते हुए लिखा – “जेब खाली है, अब क्लास मिस करनी पड़ेगी। अगर मेट्रो भी महंगी होगी तो पढ़ाई का खर्च कैसे उठेगा?”
सवालों के घेरे में प्रबंधन
डीएमआरसी ने कहा है कि बिजली, मेंटेनेंस और ऑपरेशन खर्च बढ़ने के कारण किराया बढ़ाना जरूरी था। लेकिन यात्रियों का सवाल है कि क्या किराए की इस वृद्धि के बाद सुविधाओं में सुधार होगा? क्या भीड़ कम होगी, ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बेहतर होगी और स्टेशन की सुरक्षा व सफाई पर ध्यान दिया जाएगा? यात्रियों के लिए फिलहाल इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
इन्हें मिलती रहेगी छूट
किराए में बढ़ोतरी के बाद भी स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को हर यात्रा पर 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी, साथ ही ऑफ-पीक घंटों (सुबह 8 बजे से पहले, दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच, तथा रात 9 बजे के बाद) के दौरान 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी।
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