विभु मिश्रालखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रॉपर्टी लेन-देन को पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में रजिस्ट्री के कागजों पर QR कोड अंकित होगा। इस कोड को स्कैन करते ही जमीन या मकान की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से धोखाधड़ी के मामले कम होंगे और खरीदार को प्रॉपर्टी की वास्तविक स्थिति जानने में आसानी होगी।
QR कोड से तुरंत जानकारी
नई व्यवस्था के तहत जब कोई खरीदार या अधिकारी रजिस्ट्री पर बने QR कोड को मोबाइल से स्कैन करेगा तो कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर जानकारी आ जाएगी। उदाहरण के तौर पर—
- प्रॉपर्टी का वर्तमान मालिक कौन है
- प्रॉपर्टी का नक्शा और लोकेशन
- रजिस्ट्री नंबर और उसकी तारीख
- पिछली बार कब और किसके नाम पर लेन-देन हुआ था
अब तक लोग केवल कागजों के आधार पर भरोसा करते थे, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश रहती थी। QR कोड इस कमी को खत्म करेगा।
विजन 2047 के तहत बड़ा बदलाव
यह पहल सरकार के Vision 2047 का हिस्सा है। लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक रजिस्ट्री और किरायेदारी की पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी जाए। इस व्यवस्था से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ही खरीदार सारी डिटेल्स देख और सत्यापित कर सकेगा। इससे न केवल समय बचेगा बल्कि दलालों और जाली कागजों का खेल भी खत्म होगा।
महिलाओं को मिलेगी छूट
प्रदेश सरकार ने महिलाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रॉपर्टी खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट देने की घोषणा की है। इससे महिलाएं संपत्ति के अधिकार में आगे आएंगी और परिवार की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
नगर विकास मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि QR कोड आधारित सत्यापन से जमीन-जायदाद के विवाद और धोखाधड़ी की गुंजाइश काफी कम हो जाएगी। इससे न केवल खरीदारों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा।
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