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| इसी मकान पर हुआ कब्जा |
विभु मिश्रागाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के साहिबाबाद में एक वयोवृद्ध महिला के परिवार, जिसने चार पीढ़ियों तक भारतीय सेना और आज़ाद हिंद फ़ौज में देश की सेवा की, के साथ धोखाधड़ी और कब्जे का मामला सामने आया है। 82 वर्षीय अरुणा सरकार ने आरोप लगाया है कि उनके लाजपत नगर स्थित मकान पर किरायेदार अनीता राणा और उसके पति ने फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर कब्जा कर लिया और अब घर पर ताला लगाकर फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देश की सेवा, अब घर की लड़ाई
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| अरुणा सरकार |
अरुणा सरकार का परिवार देशसेवा की मिसाल रहा है। उनके ससुर सरोज कुमार सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिंद फ़ौज में शामिल थे। उनके पति आशा मुकुंद सरकार भारतीय वायुसेना में अधिकारी रहे और 1962, 1965 तथा 1971 के तीनों युद्धों में शामिल हुए। वर्तमान पीढ़ी में उनके दोनों बेटे भारतीय सेना में अधिकारी हैं, एक पोती मेजर पद पर और दूसरी नौसेना में पायलट है। अरुणा सरकार ने कहा, “हमने चार पीढ़ियाँ देश को समर्पित कीं, लेकिन अब अपने ही घर के लिए हमें कोर्ट और थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।”
किरायेदारी से कब्जे तक का खेल
एफआईआर के मुताबिक, अप्रैल 2025 में अरुणा सरकार ने अपना लाजपत नगर स्थित मकान छह महीने के लिए अनीता राणा को किराये पर दिया था। शुरुआत में आरोपी ने एक महीने का एडवांस किराया ₹14,000 दिया, लेकिन इसके बाद किराया देना बंद कर दिया। जब मकान खाली करने को कहा गया, तो अनीता और उसके पति ने समय मांगा, और फिर साफ़ इनकार कर दिया।
इसके बाद, आरोपियों ने 22 अप्रैल 2025 की तारीख वाला फर्जी एग्रीमेंट तैयार करवाया, जिसमें यह दिखाया गया कि मकान मालिक को ₹12 लाख एडवांस दिए गए हैं। अरुणा सरकार ने शिकायत में बताया कि इस दस्तावेज़ पर न उनके हस्ताक्षर हैं, न किसी वैध गवाह के। एग्रीमेंट पर लगी नोटरी की मुहर भी संदिग्ध बताई गई है। परिवार का कहना है कि यह पूरा दस्तावेज़ मकान पर कब्जा वैध दिखाने के लिए बनवाया गया।
घर पर ताला, आरोपी फरार
अरुणा सरकार ने बताया कि आरोपी दंपती अब मकान पर ताला लगाकर फरार हैं। उन्होंने बताया कि मेरे पति ने यह घर अपनी सेवा-निवृत्ति के बाद बनाई गई बचत से बनाया था, आज वो उसी घर में दाखिल नहीं हो पा रही हैं। परिवार ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी धमकी भरे लहजे में बात करते रहे। मामले की शिकायत पहले अदालत में दी गई, जिसके बाद अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
साहिबाबाद थाने में दर्ज इस एफआईआर की जांच एसआई धर्मवीर सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेज़ों की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारी ने बताया कि आरोप गंभीर हैं और सत्यापन के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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