UGC बिल पर भड़के यति नरसिंहानंद, बोले-कानून में दम होता तो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को होती फांसी

यूजीसी बिल पर अपना पक्ष रखते यति नरसिंहानंद
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। UGC के मुद्दे पर गाजियाबाद में विरोध का सिलसिला थमा नहीं है। अब इस मामले पर डासना मंदिर के प्रमुख और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने एक बार फिर तीखा और विवादित बयान देकर सियासत गरमा दी है। उन्होंने सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लेते हुए कड़े शब्द कहे हैं।

ये दिया बयान

यति नरसिंहानंद ने कहा कि अगर देश के कानून में सच में ताकत होती, तो जातीय नरसंहार की योजना बनाने वालों को सजा मिलती। उन्होंने आरोप लगाया कि UGC से जुड़ा यह कानून समाज को जातीय गृहयुद्ध की ओर धकेल सकता था। उनके मुताबिक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उनके राजनीतिक आकाओं को फांसी की सजा होनी चाहिए थी। उन्होंने इसे देश के लिए खतरनाक करार दिया।

सुप्रीम कोर्ट की सराहना

यति नरसिंहानंद ने वीडियो बयान जारी कर सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने समय रहते दखल देकर देश को गृहयुद्ध से बचा लिया। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी UGC एक्ट बनाने वालों के मुंह पर करारा तमाचा है। उन्होंने उन लोगों पर भी हमला बोला जो सत्ता में रहकर अपने समाज और बच्चों के भविष्य पर चुप रहे।

अलंकार अग्निहोत्री और राकेश टिकैत की तारीफ

अपने बयान में यति नरसिंहानंद ने कई नेताओं और समाज के प्रभावशाली लोगों पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इस कानून से फायदा उठाने वाले थे, लेकिन फिर भी विरोध में खड़े हुए, वे सम्मान के हकदार हैं। उन्होंने अलंकार अग्निहोत्री और राकेश टिकैत का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्चाई और न्याय के साथ खड़ा होना ही असली लड़ाई है। अंत में उन्होंने दावा किया कि भले ही भारत में जवाबदेही न हो, लेकिन भगवान की अदालत में दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।

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