पुलिस पर बढ़ा जनता का भरोसा, सिटीजन चार्टर फीडबैक में खरा उतरी गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस.…आया चौंकाने वाला रिजल्ट

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में लागू सिटीजन चार्टर के तहत दी जा रही सेवाओं की निगरानी के लिए गठित फीडबैक सेल की विस्तृत रिपोर्ट सामने आई है। 18 मई 2025 से 15 फरवरी 2026 तक कुल 88,332 मामलों में सीधे आवेदकों से फीडबैक लिया गया। इनमें मात्र 51 फीडबैक नकारात्मक पाए गए, जो कुल का 0.057 प्रतिशत है।

2 मई से शुरू व्यवस्था

पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ ने 2 मई 2025 को सिटीजन चार्टर के तहत चिन्हित सेवाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इसके बाद 18 मई 2025 को फीडबैक सेल का गठन किया गया। जिसका उद्देश्य था सेवा मिलने के बाद सीधे नागरिकों से पूछना कि प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक रही या नहीं।

सिटीजन चार्टर की सेवाएं

सिटीजन चार्टर में पासपोर्ट सत्यापन (15 दिन), पुलिस सत्यापन (10 दिन), चरित्र प्रमाण पत्र (10 दिन), किरायेदार सत्यापन (10 दिन), घरेलू सहायता सत्यापन (10 दिन), कर्मचारी सत्यापन (10 दिन), जन शिकायतों का निस्तारण और एफआईआर पंजीकरण को समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक 15 दिन में सहायक पुलिस आयुक्त स्तर पर और प्रत्येक माह पुलिस उपायुक्त स्तर पर इन सेवाओं की समीक्षा की जाती है।

पूरा सांख्यिकीय ब्यौरा

फीडबैक सेल के आंकड़ों के अनुसार-
एफआईआर पंजीकरण: 9,741 फीडबैक, 8 नकारात्मक
चरित्र सत्यापन: 9,849 फीडबैक, 5 नकारात्मक
जन शिकायतें: 9,874 फीडबैक, 26 नकारात्मक
पासपोर्ट सत्यापन: 58,868 फीडबैक, 12 नकारात्मक
कुल 88,332 फीडबैक में से 51 नकारात्मक पाए गए। सभी मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की गई है।

घर तक पहुंचीं प्रतियां

व्यवस्था के तहत एफआईआर की प्रति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति संबंधित पक्ष को उनके आवास पर जाकर या व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ी है और थानों के अनावश्यक चक्कर कम हुए हैं।
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़

कार्यप्रणाली से जवाबदेही तय: कमिश्नर 

पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ ने कहा कि सिटीजन चार्टर के माध्यम से हमारा लक्ष्य समयबद्ध और पारदर्शी पुलिस सेवा देना है। फीडबैक सेल की कार्यप्रणाली से जवाबदेही तय हो रही है। 0.057 प्रतिशत नकारात्मक फीडबैक दर्शाता है कि आमजन का विश्वास मजबूत हुआ है। भविष्य में भी हम इसी प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों को सुरक्षित, पारदर्शी और संवेदनशील सेवाएं प्रदान करते रहेंगे।

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