ट्रेनों में उड़ा देते थे यात्रियों के ‘सोने के गहने’, बावरिया गैंग के तीन लुटेरे दबोचे, जीआरपी-आरपीएफ ने की संयुक्त कार्रवाई
गाजियाबाद। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को निशाना बनाकर सोने के गहने, मोबाइल और नकदी चोरी करने वाले बावरिया गिरोह के तीन शातिरों को जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई प्लेटफॉर्म नंबर 5-6 के पास की गई। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये कीमत के सोने के गहने, मोबाइल फोन, 1000 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद हुआ है।
प्लेटफॉर्म पर घेराबंदी
जीआरपी थाना गाजियाबाद के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने आरपीएफ के साथ संयुक्त रूप से दबिश दी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शिवम पुत्र धनपाल, ललित पुत्र मुनेंद्र और समीर उर्फ नन्हे पुत्र नत्थू निवासी थाना ढौलाना, जनपद हापुड़ के रूप में हुई। तीनों संदिग्ध हालात में घूम रहे थे, जिन्हें रोककर तलाशी ली गई तो चोरी का माल बरामद हुआ।
![]() |
| बरामद माल और आरपीएफ इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश |
7.5 लाख का माल बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों से सोने की दो चैन, चार अंगूठियां, मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड और 1000 रुपये नकद बरामद हुए। साथ ही एक चाकू भी मिला, जिससे वे वारदात के दौरान यात्रियों को डराते थे। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 7.5 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
लंबा आपराधिक इतिहास
आरपीएफ इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनके खिलाफ गाजियाबाद थाना जीआरपी और अन्य जिलों में चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। इनकी गिरफ्तारी से निश्चित ही ट्रेनों और स्टेशन पर वारदातों में कमी आएगी। जीआरपी और आरपीएफ इस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में जीआरपी गाजियाबाद से उपनिरीक्षक राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल अनुज मलिक, रवि कुमार, सिपाही समीर और कांस्टेबल अनुज चौधरी शामिल रहे। सीआईबी दिल्ली की टीम का भी सहयोग रहा।
विशेष: रोचक और अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें।


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें