गुलमोहर गार्डन में चुनावी खर्च पर खींचतान: रेजिडेंट्स ने शुरू किया चंदा अभियान, अध्यक्ष ने बताया साजिश
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की गुलमोहर गार्डन सोसायटी में एओए चुनाव को लेकर माहौल गरम है। डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की सख्ती के बाद दस्तावेज तो जमा कर दिए गए, लेकिन चुनाव खर्च की एक लाख रुपये की मांग पर नया विवाद खड़ा हो गया है। इसी के साथ सोसायटी का मेंटेनेंस ग्रुप चर्चा का केंद्र बन गया है।
दस्तावेज जमा, रकम पर अड़चन
डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय के निर्देश पर कालातीत एओए पदाधिकारियों ने चुनाव अधिकारी को डीड ऑफ डिक्लरेशन, मेंबरशिप लिस्ट, डिफॉल्टर लिस्ट और बायलॉज की कॉपी सौंप दी है। हालांकि चुनावी खर्च के लिए मांगे गए एक लाख रुपये पर एओए ने फिलहाल असमर्थता जताई है।
सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव रवि ओझा ने फंड की कमी का हवाला देते हुए एक लाख की बजाय 70 हजार रुपये देने की बात कही और बाकी राशि के लिए समय मांगा है।
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| सोसायटी ग्रुप पर शेयर फंड के स्क्रीन शॉट और मैसेज |
21 रुपये से शुरू हुआ सहयोग
चुनावी खर्च को लेकर शुरू हुई बहस अब चंदे में बदल गई है। सोसायटी के मेंटेनेंस ग्रुप पर रेजिडेंट्स ने 30 हजार रुपये जुटाने की मुहिम छेड़ दी है। कोई 11 रुपये, कोई 21 रुपये तो कोई 1000 रुपये तक भेज रहा है। मेंटेनेंस अकाउंट में “Voluntary Contribution towards Election Fund” लिखकर लोग राशि ट्रांसफर कर रहे हैं। साथ ही कमेंट्स में तंज भी नजर आ रहे हैं। एक रेजिडेंट ने लिखा, “कालातीत महासचिव जी… कार्यकारिणी का खजाना चुनाव अधिकारी को देने लायक भी नहीं बचा है… इस पुनीत मुसीबत से निपटने को मेरी छोटी-सी भेंट स्वीकार करें।” एक अन्य सदस्य ने 21 रुपये भेजते हुए गणित भी बताया है। 1800 फ्लैट × 21 = 37800 रुपये।
एडमिन मोड पर विवाद
रेजिडेंट्स की नाराजगी का एक कारण एओए का मुख्य व्हाट्सएप ग्रुप पिछले तीन महीनों से एडमिन मोड पर होना भी है। रेजिडेंट और पूर्व की एओए में पदाधिकारी रहे अवधेश मित्तल का कहना है कि इससे सूचनाएं साझा नहीं हो पा रही हैं। हाल ही में सोसायटी में हुई एक मृत्यु की जानकारी भी कई लोगों तक समय पर नहीं पहुंची। पहले इस ग्रुप पर सभी सदस्य अपने सुख-दुख और जरूरी सूचनाएं साझा करते थे।
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| ओनली एडमिन मोड पर सोसायटी का मेन वॉट्सअप ग्रुप |
अध्यक्ष ने आरोपों को नकारा
एओए अध्यक्ष राहुल सिंह ने फंड जुटाने की इस मुहिम को विपक्ष की साजिश बताया। उनका कहना है कि चुनाव खर्च के लिए एओए के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध है और शुक्रवार तक राशि जमा करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर सोसायटी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रुप को एडमिन मोड पर किए जाने को लेकर उन्होंने सफाई दी कि विरोधी दिनभर गैर-जरूरी संदेश डाल रहे थे, जिससे रेजिडेंट्स परेशान थे। शिकायतों के आधार पर ही ग्रुप को सीमित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान लगे सभी आरोपों का जवाब देने के लिए वह तैयार हैं।
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