गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन, जिसे एनसीआर के तेजी से विकसित होते आवासीय क्षेत्रों में शामिल किया जाता है, आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। करीब 60–65 सोसायटियों में रहने वाली दो लाख से अधिक आबादी को पानी, सड़क, सफाई, ट्रैफिक और सुरक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
VIP रोड, हकीकत में बदहाल
इलाके की मुख्य सड़क को ‘VIP रोड’ कहा जाता है, लेकिन यह पहचान सिर्फ विशेष अवसरों तक सीमित रहती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, किसी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी के दौरे से पहले सड़क की सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस तैनाती अचानक सक्रिय हो जाती है, जबकि दौरा खत्म होते ही हालात फिर पुराने जैसे हो जाते हैं। आम दिनों में दफ्तर से घर लौटने वाले लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ता है।
गंगा जल की अधूरी आपूर्ति
राजनगर एक्सटेंशन में पानी की समस्या सबसे गंभीर बनी हुई है। फेडरेशन ऑफ राजनगर एक्सटेंशन सोसाइटीज (FRENS) के वरिष्ठ सचिव अभिनव त्यागी के मुताबिक, आज भी अधिकांश सोसायटियों तक गंगा जल की नियमित आपूर्ति नहीं पहुंच पाई है। लोग मजबूरी में बोरवेल और भूजल पर निर्भर हैं, जिससे जलस्तर लगातार गिर रहा है। जीडीए की गंगा जल पाइपलाइन परियोजना वर्षों से अधूरी है। कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछने के बावजूद कनेक्शन नहीं दिए गए हैं और लीकेज की शिकायतें भी बनी हुई हैं। कुछ सोसायटियों में पेयजल और सीवर लाइन के आपस में मिलने की बात भी सामने आई है।
टूटी सड़कें और सफाई संकट
चार्म्स कैसल रोड, राज गार्डन रोड और रिवर हाइट्स के आसपास की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। गहरे गड्ढों के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। बारिश के मौसम में जलभराव और सूखे मौसम में उड़ती धूल लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम और जीडीए के बीच समन्वय की कमी के चलते नियमित कूड़ा उठान नहीं हो पा रहा है।
ट्रैफिक और सुरक्षा पर सवाल
मेरठ रोड से जुड़ने वाले मार्गों पर सुबह और शाम लंबे जाम लगते हैं। अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने स्थिति और बिगाड़ दी है। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, जिससे रात के समय चोरी और लूट की आशंका बनी रहती है। दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में पेट संबंधी बीमारियां और त्वचा रोग बढ़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
मंत्री और मेयर से मांग
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| अभिनव त्यागी |
FRENS के वरिष्ठ सचिव अभिनव त्यागी ने कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल से इन समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि गंगा जल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, सफाई व्यवस्था और जल प्रबंधन पर समयबद्ध काम हुआ तो ही राजनगर एक्सटेंशन वास्तव में रहने योग्य क्षेत्र बन पाएगा।
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