शालीमार सिटी में पूर्व बोर्ड के चुनाव लड़ने पर 6 साल की रोक, जनरल बॉडी बैठक में वित्तीय वसूली और एफआईआर का फैसला

एजीएम में अपनी बात रखते एओए पदाधिकारी
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। गरिमा गार्डन थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित शालीमार सिटी अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की पूर्व में स्थगित जनरल बॉडी की बैठक रविवार को क्लब हाउस में पुनः आयोजित हुई। बैठक में पूर्व बोर्ड के कार्यकाल से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और बिल्डर की मनमानी को लेकर कई अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। सदन ने पूर्व बोर्ड के सभी सदस्यों के चुनाव लड़ने पर छह साल का प्रतिबंध लगाने के साथ ही उनसे वित्तीय वसूली और कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया।

पूर्व बोर्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई

बैठक में प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों और विश्वासघात के आरोपों को देखते हुए जनरल बॉडी ने पूर्व बोर्ड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया। सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के तहत पूर्व बोर्ड के सभी सदस्यों के किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ने पर छह साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके साथ ही उनकी सदस्यता समाप्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है।

बिल्डर से आईएफएमएस फंड की वसूली

बैठक में यह भी तय किया गया कि बिल्डर कंपनी एम आर प्रोव्यू रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड से निवासियों का आईएफएमएस फंड और उस पर मिलने वाला ब्याज वसूला जाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि यह राशि लंबे समय से लंबित है और निवासियों के हितों से जुड़ी है। वसूली के बाद मिलने वाले ब्याज का उपयोग सोसाइटी के टावरों की मरम्मत और जरूरी रखरखाव कार्यों में किया जाएगा।
बैठक में मौजूद रेजिडेंट्स 

बिजली बिल और नुकसान की रिकवरी

जनरल बॉडी में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि बिजली विभाग के बकाया बिलों की पूरी राशि पूर्व बोर्ड के पदाधिकारियों से वसूली जाएगी। इसके अलावा पूर्व सचिव राजेश कुमार मिश्रा के कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय नुकसान की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए उनसे भी रिकवरी करने का निर्णय लिया गया।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की तैयारी

बैठक में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के मामले में संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्णय लिया गया है। साथ ही कोर्ट और जिलाधिकारी के माध्यम से कानूनी प्रक्रिया के जरिए रिकवरी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जय शंकर राय और संरक्षक विपिन कुमार डागर ने बताया कि बैठक में पारित सभी प्रस्तावों की अनुपालन रिपोर्ट जल्द ही डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि निवासियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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