कार्यकाल खत्म, फिर भी एजीएम पर अड़ी एओए; निरस्त बैठक में खुद पदाधिकारी गायब, उठे बड़े सवाल

विभु मिश्रा
गाजियाबाद। इंदिरापुरम वैभव खंड की कृष्णा अपरा गार्डन्स सोसायटी में एजीएम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। क्वोरम पूरा न होने के कारण हाल ही में बुलाई गई एजीएम बैठक निरस्त करनी पड़ी, लेकिन अब 7 मार्च को दोबारा बैठक बुलाने के फैसले ने रेजिडेंट्स के बीच असंतोष और तेज कर दिया है। सवाल सिर्फ कम उपस्थिति का नहीं, बल्कि एओए की वैधता और नीयत पर भी उठ रहे हैं।

खुद पदाधिकारी ही नदारद

निरस्त हुई बैठक में कुल 34 सदस्य पहुंचे, जो तय संख्या से कम थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि एओए की ओर से केवल अध्यक्ष तेजिंदर सिंह और सचिव ही मौजूद थे। अन्य कोई पदाधिकारी या कार्यकारिणी सदस्य बैठक में नहीं दिखा। रेजिडेंट्स का कहना है कि जब एओए टीम खुद पूरी नहीं थी तो आम सदस्यों की कम मौजूदगी पर सवाल उठाना नैतिक रूप से सही कैसे ठहराया जा सकता है? इस गैरमौजूदगी ने भरोसे को और कमजोर किया है।

कार्यकाल पर कानूनी पेच

सोसायटी के कई निवासी खुलकर कह रहे हैं कि एओए का कार्यकाल सितंबर में ही पूरा हो चुका है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एओए किस कानूनी प्रावधान के तहत एजीएम आयोजित कर रही है? रेजिडेंट्स का तर्क है कि यह पूरी प्रक्रिया अवैध है और इसकी शिकायत संबंधित डीआर (डिप्टी रजिस्ट्रार) से की जाएगी। उनका कहना है कि पहले एओए की वैधानिक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, उसके बाद ही किसी नई बैठक का औचित्य बनता है। उनका आरोप है कि जल्दबाजी में दोबारा एजीएम बुलाकर मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

भरोसे का बढ़ता संकट

वहीं एओए अध्यक्ष तेजिंदर सिंह का बयान है कि पिछली एजीएम कोरम पूरा न होने के कारण निरस्त हुई थी, लेकिन विरोधी इसे अलग तरीके से पेश कर एओए को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। अब सभी की नजरें आगामी सात मार्च की प्रस्तावित एजीएम पर टिकी हैं।

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