गुलमोहर गार्डन चुनाव में मुद्दों से ज्यादा टकराव की चर्चा, मतदान से पहले प्रत्याशियों की धड़कने तेज

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की गुलमोहर गार्डन सोसायटी में एओए चुनाव से ठीक पहले माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। वोटिंग से एक दिन पहले तक जहां विकास और सुविधाओं पर चर्चा होनी चाहिए थी, वहीं सोसायटी के भीतर गुटबाजी, पुराने विवाद और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल ज्यादा चर्चा में हैं। ऐसे में यह चुनाव केवल प्रबंधन चुनने तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सोसायटी के भीतर खींचतान का आईना भी बनता दिख रहा है।

मुद्दों से भटका चुनाव


रेजिडेंट तेजवीर सिंह का कहना है कि इस बार चुनाव में असली मुद्दे पूरी तरह पीछे छूट गए हैं। सोसायटी फंड के इस्तेमाल को लेकर पिछले दो वर्षों में जो विवाद हुए, वही अब भी चर्चा में हैं। दो गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी हावी है, जिससे चुनाव का स्तर गिरा है। बैलेट पेपर को गुटों के हिसाब से तैयार किया जाना भी ठीक नहीं है, जबकि इसे अल्फाबेटिक या लॉटरी के आधार पर होना चाहिए था। इसके अलावा सहस्वामियों के वोटिंग अधिकार को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है।

स्वस्थ और निष्पक्ष चुनाव की जरूरत

रेजिडेंट शिखा शर्मा कहती हैं कि गुलमोहर गार्डन का यह चुनाव सोसायटी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। सभी निवासियों को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर मतदान करना चाहिए। उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और पारदर्शिता को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला ही बेहतर और मजबूत प्रबंधन की नींव रखेगा। जरूरत है कि चुनाव स्वस्थ और निष्पक्ष माहौल में हो, ताकि आगे सोसायटी का विकास सुनिश्चित किया जा सके।

प्रत्याशियों की बढ़ी धड़कने

सोसायटी के इस चुनाव में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें दो पैनल के 10-10 प्रत्याशी और एक निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं, कुल 1331 मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव को लेकर सभी उम्मीदवारों की धड़कनें तेज हैं और आने वाले परिणाम को लेकर उत्सुकता चरम पर है।

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