क्लासिक रेजिडेंसी एओए रहेगी या जाएगी, 21 को होगा तय!

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की क्लासिक रेजिडेंसी अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के बीते माह हुए चुनाव की वैधता को लेकर घमासान मचा हुआ है। शिकायतकर्ता ऊषा सिंह के आरोपों और एओए के जवाब के बाद डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स गाजियाबाद ने सुनवाई की तारीख तय कर दी है। डीआर वैभव कुमार ने दोनों पक्षों को 21 मई 2026 को साक्ष्यों और प्रमाणों सहित अपने समक्ष उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। उसी दिन सुनवाई के बाद तय होगा कि एओए रहेगी या जाएगी।

चुनाव पर लगे आरोप

शिकायतकर्ता ऊषा सिंह ने 7 मई 2026 को डिप्टी रजिस्ट्रार को भेजे पत्र में एओए चुनाव को पूरी तरह अवैध बताया है। उनका कहना है कि सोसाइटी के पंजीकृत बाय-लॉज के अनुसार पदाधिकारी समिति का कार्यकाल सिर्फ एक वर्ष का होता है। पिछला चुनाव 16 फरवरी 2025 को हुआ था, लिहाजा मौजूदा समिति का कार्यकाल 15 फरवरी 2026 को स्वत: समाप्त हो चुका था। ऊषा सिंह ने आरोप लगाया कि डीआर कार्यालय क्लासिक रेजिडेंसी को पहले ही दो बार कालातीत घोषित कर चुका है और स्पष्ट निर्देश है कि कालातीत स्थिति में चुनाव केवल डीआर कार्यालय के पर्यवेक्षण में ही कराए जा सकते हैं। इसके बावजूद 5 अप्रैल 2026 को एसोसिएशन ने स्वयं चुनाव करा लिया, जो बाय-लॉज और सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि अध्यक्ष देशमणि शर्मा ने समयावधि समाप्त होने के बाद हुए चुनाव का कोई विधिक स्पष्टीकरण नहीं दिया और मुख्य चुनाव अधिकारी सुधीर प्रकाश काला की ओर से भी कोई लिखित आदेश नहीं मिला। साथ ही फरवरी 2026 में हुई जीबीएम के मिनट्स पर अध्यक्ष विकास कुमार के हस्ताक्षर न होने से उसकी प्रामाणिकता पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

अध्यक्ष ने ठहराया सही

एओए अध्यक्ष देशमणि शर्मा का कहना है कि चुनाव पूरी तरह वैध ट्रैक से कराया गया है। बाय-लॉज के सभी प्रावधानों का पालन किया गया और डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय को इसकी सूचना पूर्व में ही लिखित में दी जा चुकी थी। उनका दावा है कि समिति का गठन नियमानुसार हुआ है और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। ऊषा सिंह द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और तथ्यों से परे हैं।
डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार 

डीआर 21 को करेंगे सुनवाई

डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार ने बताया कि ऊषा सिंह की शिकायत पर संस्था से बिंदुवार आख्या मांगी गई थी, जो 21 अप्रैल को प्राप्त हुई। इसकी प्रति शिकायतकर्ता को भेजी गई, जिसका प्रतिउत्तर 7 मई को मिला है। अब दोनों पक्षों के आरोपों और जवाबों के मिलने के बाद प्रकरण के निस्तारण के लिए 21 मई 2026 को सुनवाई तय की गई है। दोनों पक्षों को दोपहर 1 बजे साक्ष्यों सहित बुलाया गया है। सुनवाई के बाद ही मामले का निस्तारण किया जाएगा।

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टिप्पणियाँ

  1. This is totally fake news aasa kuch ni shikayat kerta kudh bhi election ka prachar ker rehi hai ......tab kya hua tha ....

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  2. चुनाव पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमानुसार सम्पन्न हुए हैं। वर्तमान AOA के कार्यों से अधिकांश निवासी संतुष्ट हैं। बिना तथ्यों के इस प्रकार के आरोप एवं शिकायतें सोसाइटी के हित में नहीं हैं। ऐसी भ्रामक एवं गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियाँ अनुचित हैं और उनकी निंदा की जानी चाहिए।

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  3. Totally Fake news, please refrain yourself to post news like this

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