रिवर हाइट्स कांड में पुलिस पर गिरी गाज: चौकी इंचार्ज समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, बदसलूकी और मनमानी उजागर

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित रिवर हाइट्स सोसायटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। एओए और सिक्योरिटी एजेंसी के बीच लंबे समय से चल रहे टकराव के बीच पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवालों के बाद कमिश्नरेट ने सख्त कदम उठाते हुए चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह मामला सिर्फ एक सोसायटी विवाद नहीं, बल्कि पुलिस कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

सिक्योरिटी विवाद से भड़का मामला

रिवर हाइट्स सोसायटी में प्रॉमिस सिक्योरिटी मैनपावर सर्विसेज लिमिटेड को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। एओए का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में सोसायटी में लगातार चोरी की घटनाएं हुईं, जिनकी शिकायत पुलिस और अधिकारियों को दी गई, साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नाराज एओए ने फरवरी और मार्च का भुगतान रोक दिया, जिसके बाद एजेंसी के कर्मचारियों ने 30 अप्रैल 2026 को सोसायटी गेट पर पहुंचकर हंगामा और दबाव बनाना शुरू कर दिया।

पुलिस पर पक्षपात के आरोप

एओए के कार्यवाहक अध्यक्ष गौरव विरमानी ने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर डायल 112 पर कार्यवाहक कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा ने ही कॉल कर पुलिस बुलाई। लेकिन मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज आकाश कुमार राय ने विवाद सुलझाने के बजाय एओए पदाधिकारियों को ही निशाना बना लिया। उन्हें जबरन थाना नंदग्राम ले जाया गया और वहां बैठाकर सिक्योरिटी एजेंसी के पक्ष में समझौता कराने का दबाव बनाया गया। एओए पदाधिकारियों के साथ  जबरन पक्षपात करते हुए सिक्यूरिटी एजेंसी के पक्ष में जबरन फैसला लिखवाया। 

पीड़ितों के साथ अमानवीय व्यवहार

सोसायटी सदस्य आलोक शर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें, कार्यवाहक कोषाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा (67 वर्ष) और कार्यवाहक सचिव ऋतु चौधरी को बिना कारण हिरासत में लेकर थाना नंदग्राम में बंद किया गया। आलोक शर्मा ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें हवालात में बंदकर उनके साथ बदसलूकी और अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि वो धार्मिक प्रवृति के हैं, पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ में बंधे कलावे काट दिये। और तो और उनकी चोटी भी खुलवा दी और उसकी पिन भी अपने पास रख ली। उन्होंने बताया कि रिहा होते ही पूरे मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त से की। साथ में वीडियो भी दी। 

जांच में दोष साबित, हुआ सस्पेंशन

शिकायत के बाद हुई जांच में चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक आकाश कुमार राय, मुख्य आरक्षी अरुण कुमार और आरक्षी सुनील कुमार को दोषी पाया गया। इसके बाद तीनों को निलंबित कर दिया गया। एओए ने इस कार्रवाई को न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए पुलिस कमिश्नर का आभार जताया है। 

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