महक जिन सोसायटी की छठी मंजिल से गिरा छज्जे का प्लास्टर, घटिया निर्माण ने फिर बढ़ाया जान का खतरा, स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग

इसी रेलिंग के नीचे का टूटकर गिरा प्लास्टर
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की महक जीवन सोसायटी में एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छठी मंजिल की बालकनी के छज्जे का बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया, ठीक उसी समय नीचे निवासी टहल रहे थे। गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने सोसायटी में रह रहे सैकड़ों परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ा दिया है।

बार-बार सामने आ रहीं खामियां

रेजिडेंट सुनील कुमार अग्रवाल ने बताया कि सोसायटी के निवासी पिछले दो वर्षों से लगातार बिल्डर पर घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने के आरोप लगा रहे हैं। 412 फ्लैटों में अंदर और बाहर दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। कई जगह बिना सीमेंट का पलस्तर, उखड़ती दीवारें और सीलन ने हालात को और खराब कर दिया है। लोगों का कहना है कि बिल्डर ने निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता किया, जिसका खामियाजा अब निवासी भुगत रहे हैं।
टूटकर गिरे छज्जे के बाद लटके पड़े कपड़े

पहले भी हो चुका हादसा

यह पहला मामला नहीं है जब सोसायटी में इस तरह की घटना हुई हो। कुछ समय पहले निवासी मुरारी लाल शर्मा के फ्लैट में किचन की छत का बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया था। उस वक्त भी बड़ा हादसा होते-होते टल गया था और किसी को चोट नहीं आई थी। 

स्ट्रक्चरल ऑडिट की उठी मांग

ताजा घटना के बाद निवासियों ने प्रोजेक्ट में इस्तेमाल हुए मैटेरियल और पूरी कंस्ट्रक्शन क्वालिटी की जांच कराने की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि जब तक स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं होगा, तब तक हर दिन डर के साये में जीना पड़ेगा। बिल्डर की लापरवाही अब सीधे तौर पर लोगों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है, ऐसे में प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है।
इसी मंजिल का टूटा छज्जा
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