गर्मी बढ़ते ही खूंखार हुए आवारा कुत्ते, मेंटेनेंस कर्मचारी पर हमला; अस्पतालों में बढ़ी एंटी रेबीज की लाइनें

पीड़ित अनुज
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। महानगर में आवारा कुत्तों का आतंक पहले से ही लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, लेकिन भीषण गर्मी के बीच अब इनके हमले और ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं। कॉलोनियों से लेकर मुख्य सड़कों तक कुत्तों के झुंड लोगों पर झपट रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सरकारी अस्पतालों में रोज डॉग बाइट के पीड़ित एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं और लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सख्त टिप्पणी किए जाने के बावजूद शहर में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा। मंगलवार को संजय नगर इलाके में एक मेंटेनेंस कलेक्शन कर्मचारी भी इन कुत्तों का शिकार बन गया।

घर के बाहर हमला

संजय नगर निवासी अनुज ठाकुर मंगलवार को अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान अचानक एक आवारा कुत्ते ने उन पर हमला बोल दिया और उनकी बाईं टांग में काट लिया। अचानक हुए हमले से वह घबरा गए और आसपास मौजूद लोग भी सहम गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

अस्पतालों में बढ़ी भीड़ 

अनुज ने बुधवार को सरकारी अस्पताल ले जाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया। संयुक्त अस्पताल के सीएमएस का कहना है कि अस्पताल में इन दिनों रोज बड़ी संख्या में डॉग बाइट के मरीज पहुंच रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ कुत्तों का व्यवहार ज्यादा आक्रामक होता जा रहा है। इस कारण डॉग बाइट के केस बढ़ते जा रहे हैं। जिससे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा डरे हुए हैं।

आदेशों के बाद सवाल

स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा है कि आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि जल्द विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजा जाए, ताकि रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग राहत महसूस कर सकें।

विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें।

टिप्पणियाँ