रात में बंद किए पेट्रोल पंप, सुबह बढ़े दामों पर बिक्री… राजनगर एक्सटेंशन में ‘तेल के खेल’ पर भड़के लोग

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले हुए कथित ‘तेल के खेल’ को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि 15 मई सुबह 6 बजे से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने की सूचना पेट्रोल पंप संचालकों को पहले ही मिल गई थी। इसके बाद तीनों पंपों ने 14 मई की देर रात अचानक बिना पूर्व सूचना के पंप बैरिकेड लगाकर पेट्रोल और डीजल की बिक्री बंद कर दी। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। रातभर लोग पेट्रोल के लिए भटकते रहे, लेकिन सुबह होते ही वही पंप बढ़े हुए दामों के साथ चालू हो गए।

रात में ‘स्टॉक खत्म’, सुबह फुल सप्लाई

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात करीब 10 बजे के बाद एक्सटेंशन के तीनों पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को निराश होकर इसलिए लौटना पड़ा क्योंकि तीनों पंपों को संचालकों ने बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया। फिर सुबह 6 बजे से नई कीमतें लागू होते ही तीनों पंपों को खोल दिया गया और सामान्य तरीके से ईंधन की बिक्री शुरू कर दी गई। लोगों का आरोप है कि हजारों लीटर स्टॉक जानबूझकर रोक लिया गया ताकि बढ़े हुए रेट पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा सके।

आम आदमी की जेब पर ‘डाका’

शुक्रवार सुबह से पेट्रोल पर 3.14 रुपये, डीजल पर 3.11 रुपये और सीएनजी पर करीब 2 रुपये की बढ़ोतरी लागू हुई। ऐसे में रात में पुराने रेट पर बिक्री रोककर सुबह नई कीमतों पर ईंधन बेचने से पेट्रोल पंप संचालकों ने लाखों रुपये का अतिरिक्त फायदा कमाया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ा, जो रातभर परेशान होती रही।

प्रशासन की मिलीभगत के आरोप

पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना अंदरूनी सूचना और अधिकारियों की मिलीभगत के इतनी संगठित तरीके से पंप बंद करना संभव नहीं है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि वास्तव में ईंधन खत्म था तो कुछ घंटों बाद अचानक पूरा स्टॉक कहां से आ गया।

जांच की मांग 

आरएनईएक्स ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष दीपांशु मित्तल ने इस पूरे मामले को जनता के साथ धोखा बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार पहले से झेल रही जनता को पेट्रोल पंप संचालकों और सिस्टम की मिलीभगत ने दोहरी चोट दी है। दीपांशु मित्तल ने मांग की कि जिन पंपों ने रात में बिक्री बंद की, उनके स्टॉक और सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच कर कार्रवाई की जाए।

जनता में गुस्सा, कार्रवाई की मांग

राजनगर एक्सटेंशन के लोगों का कहना है कि हर बार मुनाफा कारोबारियों और सिस्टम से जुड़े लोगों को मिलता है, जबकि नुकसान आम आदमी उठाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जनता के साथ ऐसा खेल दोबारा न हो।

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