दोस्त के बेटे ने ही रची थी बिल्डर के अपहरण की साजिश, 5 करोड़ की फिरौती थी मकसद, इंस्टाग्राम से खरीदे थे तमंचे, चार गिरफ्तार
गाजियाबाद। 16 जून को गाजियाबाद में बिल्डर के अपहरण की कोशिश की गई थी जो बिल्डर की बहादुरी के चलते नाकाम हो गई थी। लिंक रोड पुलिस ने आज इस वारदात से पर्दा उठा दिया। बिल्डर के दोस्त का बेटा ही इस साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने उसे और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया। आरोपियों ने 5 करोड़ की फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट कार, दो तमंचे, तीन जिंदा कारतूस और रस्सी बरामद की है। पांचवां आरोपी अभी फरार है।
फिल्मी अंदाज में रोकी थी गाड़ी
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि 16 जून की शाम राजेश पांडेय झंडापुर से इंदिरापुरम लौट रहे थे। तभी साहिबाबाद साइट चार स्थित इंडयोर कंपनी के पास पांच बदमाशों ने स्विफ्ट कार आगे लगाकर उनकी गाड़ी रोक ली। तमंचा दिखाकर उन्हें जबरन खींचने की कोशिश की। शोर मचाने पर आरोपी धमकी देकर भाग गए। पीड़ित बिल्डर ने मामले की तहरीर लिंक रोड थाने में दी थी। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
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| खुलासे की जानकारी देते डीसीपी धवल जायसवाल |
72 घंटे में जुड़ी कड़ियां, चार दबोचे
डीसीपी के मुताबिक, एसीपी अमित सक्सेना के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस पर काम किया। जिसमें 16 जून को एक स्विफ्ट कार बिल्डर केजे कार का पीछा करती दिखी। उसी को ट्रेस करते हुए पुलिस ने 21 जून को श्याम इंडस्ट्रियल पार्क के पास से सत्यम सिंह (22), गौतम मिर्धा (25), नितिन तिवारी उर्फ राजू (26) और रोहित उर्फ हिटलर (29) को गिरफ्तार कर लिया। स्विफ्ट कार रोहित की पत्नी के नाम रजिस्टर्ड है।
दोस्त का बेटा ही निकला मास्टरमाइंड
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, मास्टरमाइंड सत्यम सिंह के पिता डी-मॉल इंदिरापुरम में प्रॉपर्टी का काम करते हैं। बिल्डर राजेश पांडेय उनके दोस्त हैं और अक्सर ऑफिस आते थे। यहीं से सत्यम को पता चला कि राजेश कैश में लेन-देन करते हैं और काफी नकदी रखते हैं। ऑनलाइन आर्टिफिशियल ज्वेलरी का कारोबार डूबने के बाद पैसों के लिए उसने दोस्त गौतम, नितिन, रोहित और चंदन के साथ मिलकर राजेश पाण्डेय का अपहरण कर पांच करोड़ की फिरौती वसूलने की योजना बनाई। जिसके बाद से उन्होंने बिल्डर पर नजर रखनी शुरू कर दी।
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| आरोपियों से बरामद हथियार |
इंस्टाग्राम के जरिए खरीदे हथियार
डीसीपी के अनुसार, पांचों ने 5-5 हजार रुपये मिलाकर इंस्टाग्राम के जरिए 25 हजार में दो तमंचे मंगवाए। तमंचों की डिलीवरी नितिन और गौतम ने सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन के पास से ली थी। प्लान था कि तमंचे के बल पर बिल्डर को किडनैप कर 5 करोड़ वसूलेंगे और रकम मिलने के बाद छोड़कर फरार हो जाएंगे। पुलिस अब हथियार सप्लायर के खाते और फरार आरोपी चंदन की तलाश कर रही है। सराहनीय कार्य पर टीम को 25 हजार रुपये इनाम दिया गया है।
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