ग्रैंड प्लाजा में सुविधाएं अधूरी छोड़ मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने पर फूटा खरीदारों का गुस्सा, बोले- पहले सुविधाएं दो!

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित ग्रैंड प्लाजा में मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने के फैसले ने यूनिट मालिकों, खरीदारों और किरायेदारों के गुस्से को भड़का दिया है। सुविधाओं के नाम पर मिल रही लगातार कमियों से नाराज लोगों ने इस मनमानी बढ़ोतरी के खिलाफ सामूहिक मोर्चा खोल दिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर आज आक्रोशित निवासियों ने प्लाजा के मैनेजर वरुण गाबा को एक संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने दो टूक शब्दों में साफ कह दिया है कि जब तक परिसर के सभी लंबित कार्य पूरी तरह मुकम्मल नहीं होते, तब तक बढ़ा हुआ मेंटेनेंस शुल्क किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सुविधाएं गायब आक्रोश भारी

ग्रैंड प्लाजा के निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि बिल्डर वर्तमान में वसूले जा रहे मेंटेनेंस चार्ज के बदले भी वादे के मुताबिक बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम रहा है। ऐसे में बिना किसी धरातलीय सुधार, पारदर्शिता या ठोस आधार के अचानक शुल्क बढ़ाना खरीदारों के साथ सीधा धोखा है। सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट लिखा गया है कि वर्तमान में दिया जा रहा शुल्क ही व्यवस्थाओं के लिए काफी है, इसलिए बिल्डर को सबसे पहले अपनी पुरानी और बुनियादी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से पूरा करना चाहिए।
मैनेजर को ज्ञापन सौंपते लोग

अधूरी व्यवस्थाओं की खुली पोल

मैनेजर को सौंपे गए मांग पत्र में परिसर की उन तमाम बदहाल व्यवस्थाओं का पूरा ब्योरा दिया गया है, जिन्हें तुरंत दुरुस्त करने की मांग उठाई गई है। निवासियों ने बालकनी और रेलिंग पर सुरक्षा के लिहाज से ग्लास लगाने, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा 24 घंटे मिलने वाले ऑटोमैटिक पावर बैकअप को सीधे डिजिटल ऐप से जोड़ने की मांग की है। इसके साथ ही ऐप-आधारित कंप्लेंट सिस्टम शुरू करने, छठी मंजिल तक लिफ्ट का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने, निर्माण सामग्री ढोने के लिए पैसेंजर लिफ्ट के इस्तेमाल पर रोक लगाने, पर्याप्त ओपन कार पार्किंग देने और तीसरी मंजिल पर लगे अवैध लोहे के गेटों को तुरंत हटाने की बात कही गई है।

मैनेजमेंट को सीधी चेतावनी

ग्रैंड प्लाजा के लोगों ने इस बार पीछे न हटने का पूरा मन बना लिया है और आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ज्ञापन के जरिए सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है कि यदि वर्तमान प्रबंधन इन जरूरी और बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव तथा उचित संचालन को संभालने में पूरी तरह असमर्थ है, तो वे तुरंत सोसायटी का हैंडओवर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करें। इस संयुक्त विरोध पत्र पर दर्जनों यूनिट मालिकों और दुकानदारों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, जो यह साफ तौर पर साबित करते हैं कि यह नाराजगी अब एक बड़े सामूहिक आंदोलन की शक्ल अख्तियार कर चुकी है। इस पूरे मामले पर जब ग्रैंड प्लाज़ा के बिल्डर विवेक चानना से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया और फोन मिलाया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।


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