विवादों के बीच राज विलास सोसाइटी में नई आरडब्ल्यूए का गठन, दीपिका बनी अध्यक्ष



विभु मिश्रा
गाजियाबाद। राज विलास सोसाइटी में लगातार बढ़ते विवादों और आपसी खींचतान के बीच नई आरडब्ल्यूए का गठन कर दिया गया है। नई टीम में दीपिका को अध्यक्ष घोषित किया गया है, जबकि कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर सलील और रश्मि का नाम सामने आया है। हालांकि निवासियों का बड़ा वर्ग मानता है कि यह गठन अधूरा है और कोरम पूरा न होने की वजह से इस आरडब्ल्यूए को अभी मान्यता नहीं दी जा सकती।

पूर्व अध्यक्ष ने यूं दिया इस्तीफा

सोसाइटी की पुरानी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष श्वेता रोहिला और उनकी  टीम के एक अन्य सदस्य ने पूर्व इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वाली पूर्व अध्यक्ष श्वेता और दूसरे सदस्य ने इस्तीफे के पीछे आरोप लगाया था कि आरती कपूर और उनके विला मालिक जोशी दंपत्ति के कथित आतंक और पुलिस की एकतरफा कार्रवाई से त्रस्त होकर यह कदम उठाया है। निवासियों का कहना है कि आरती कपूर के दबाव में आकर कुछ ही परिवारों ने मिलकर नई आरडब्ल्यूए का गठन कर लिया है, जिसमें सोसाइटी का बहुमत शामिल ही नहीं है।
श्वेता रोहिला के मुताबिक नई आरडब्ल्यूए के गठन में नियमों को भी ताक पर रख दिया गया है। एक आरडब्ल्यूए में एक परिवार के दो सदस्य नहीं हो सकते लेकिन इसमें आरती कपूर के लैंडलॉर्ड गोपाल जोशी के आरडब्ल्यूए में होते हुए भी उनकी पत्नी रश्मि जोशी को भी रखा गया है। जोकि नियमोंक खुला उल्लंघन है। 

नई आरडब्ल्यूए की सूची

जारी नई सूची के मुताबिक दीपिका (विला नंबर 31) को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सलील (विला नंबर 10) और रश्मि जोशी (विला नंबर 3) को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया है। इनके अलावा आरडब्ल्यूए के अन्य पदों पर फिलहाल पूर्व के ही पदाधिकारी और सदस्य हैं। नई सूची ओपन जीबीएम में प्रस्तुत की जाएगी। लेकिन इसे लेकर सोसाइटी में ही विरोध की आवाजें उठ रही हैं क्योंकि बड़ी संख्या में निवासी इससे खुद को अलग मानते हैं।

दीपिका के पलटे रुख पर चर्चा

निवासियों में सबसे ज्यादा सवाल चुनी गई नई अध्यक्ष दीपिका के नाम को लेकर उठ रहे हैं। सोसायटी के लोगों के मुताबिक ये वही दीपिका है जिनके पति ने उन आशीष की जमानत ली थी जिन पर आरती कपूर ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। अब अचानक आरती कपूर के नज़दीकी खेमे में वह कैसे शामिल हो गईं। उनका यह पलटा हुआ रुख सोसाइटी में गर्म चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर आरती कपूर ने इस दलील को बाइकल झूठा करार दिया है। उनका कहना है कि दीपिका के पति ने कभी आशीष किशोर की जमानत नही दी है। ये सिर्फ चुनी गई नई अध्यक्ष को बदनाम करने की विपक्षी खेमे की साजिश है। 

सोसायटी में दिखी हलचल

तनावपूर्ण हालात के बीच मंगलवार शाम को सोसायटी पार्क में लंबे समय बाद रौनक लौटी। आरती कपूर और उनकी टीम को छोड़कर अधिकांश लोग पार्क में जुटे। बुजुर्गों ने सुंदरकांड का पाठ किया तो बच्चों ने मौजमस्ती कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। यह दृश्य कई निवासियों के लिए राहत भरा रहा।

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