बंदी भगाने की साजिश: गिरफ्तार सिपाहियों से अब पुलिस कस्टडी में पूछताछ की तैयारी

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। डासना जिला कारागार से दो बंदियों को भगाने की कोशिश करने वाले गिरफ्तार सिपाहियों से अब पुलिस गहराई से पूछताछ करेगी। कविनगर पुलिस ने दोनों आरोपित सिपाहियों के एक दिन के पुलिस रिमांड की मांग कोर्ट में की है। अदालत में इस पर आज सुनवाई होगी।

रिमांड पर खुलेगा साजिश का राज

पुलिस का कहना है कि रिमांड मिलने के बाद दोनों से यह पता लगाया जाएगा कि आखिर बंदियों को छुड़ाने की योजना किसके इशारे पर बनी थी। प्रकरण के उजागर होने के बाद पुलिस आयुक्त ने पूरे कमिश्नरेट में सख्त संदेश दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही या मिलीभगत जैसी घटनाएं किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

गिरफ्तार आरोपी सिपाही राहुल और सचिन

सीडीआर और बैंक खातों की पड़ताल

एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि आरोपित सिपाहियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बैंक खातों की जांच चल रही है। इससे यह पता चलेगा कि उन्होंने जेल आने से पहले और बाद में किनसे संपर्क किया था। पुलिस को शक है कि बंदियों को बाहर निकालने की इस साजिश में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं।

जालसाजी से पहुंचे थे जेल

दरअसल, पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सचिन और राहुल शनिवार को जिला कारागार पहुंचे थे। उन्होंने बंदी बिजेंद्र सिंह हुड्डा (जो मोनाड यूनिवर्सिटी के डिग्री घोटाले में बंद है) और दूसरे बंदी वंश (जो लूट और अपहरण के मामले में बंद है) को पेशी पर ले जाने का दावा किया। जबकि असली आदेश छह अन्य बंदियों के लिए था। जेल प्रशासन को शक हुआ तो जांच की गई और पता चला कि दोनों बिना रवानगी आदेश के जेल पहुंचे थे। उनके पास जो दस्तावेज थे, वे रिकॉर्ड से चोरी किए गए थे। मामला खुलने पर दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अब पुलिस रिमांड से इस पूरे खेल का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।
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