इंदिरापुरम में पैच वर्क का ‘पैचअप’ खेल: टूटी सड़कों पर खाना-पूर्ति, खतरे कायम

 पैच वर्क की पोल खोलती तस्वीर
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। इंदिरापुरम में इन दिनों टूटी सड़कों पर पैच वर्क किया जा रहा हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि यह सिर्फ दिखावे के लिए हो रहा है। गड्ढों को भरने में न पर्याप्त सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है और न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा। नागरिक कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। 

‘मरम्मत’ नहीं, बस औपचारिकता

इंदिरापुरम की कई कालोनियों में सड़कों के गड्ढे भरने का काम जारी है। हालांकि, मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। क्षेत्र के निवासी मोहित द्विवेदी ने कहा, गड्ढे तो भर दिए गए हैं, लेकिन ये पैच वर्क टिकाऊ नहीं। सामग्री कम डाली जा रही है और मानक नजरअंदाज किए जा रहे हैं। जनता को दिखाने के लिए सड़कें बनाई जा रही हैं, जनता के इस्तेमाल के लिए नहीं।

जानलेवा स्पीड ब्रोकरों से गुजरते वाहन

स्पीड ब्रेकर बने खतरा

मोहित द्विवेदी ने यह भी बताया कि कई जगहों पर बने स्पीड ब्रेकरों पर सफेद चेतावनी पट्टियां तक नहीं खींची गई हैं। उन्होंने कहा, रात में ये ब्रेकर बिल्कुल नहीं दिखते, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। उनका समर्थन करते हुए स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये लापरवाही कभी भी बड़ा हादसा करा सकती है।

वोट अब काम के नाम पर

मोहित द्विवेदी ने नागरिकों से अपील की कि अब समय आ गया है जब लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने कहा, “हमें अब जाति या धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि काम और जवाबदेही के आधार पर वोट देना चाहिए। अगर हम सवाल नहीं पूछेंगे, तो सड़कों जैसी बुनियादी चीजें भी सपना बन जाएंगी।”
इंदिरापुरम में गड्ढों से गुजरती कार

इंदिरापुरम को भुला दिया गया

स्थानीय लोगों ने कहा कि जहां शहर के अन्य हिस्सों में सुधार की बातें होती हैं, वहीं इंदिरापुरम को मानो भुला दिया गया है। बुनियादी रखरखाव तक को महत्व नहीं दिया जा रहा। लोगों ने सवाल उठाया कि एमपी, एमएलए और पार्षद फंड आखिर किसलिए हैं, अगर सड़क की एक पट्टी भी ठीक नहीं हो पा रही?

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