क्रॉसिंग रिपब्लिक में गूंजेगी शहनाई, 11 बेटियों का कन्यादान करेगी भारत विकास परिषद: पायल त्रिपाठी

बीते वर्ष के सामूहिक विवाह में फेरे के दौरान बैठे जोड़े
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। नर सेवा को नारायण सेवा मानते हुए 'भारत विकास परिषद-क्रॉसिंग रिपब्लिक शाखा' इस वर्ष अपना सातवां सरल सामूहिक विवाह महोत्सव आयोजित करने जा रही है। आगामी 7 फरवरी को आयोजित होने वाले इस पुनीत कार्य में संस्था ने 11 निर्धन कन्याओं के हाथ पीले करने का संकल्प लिया है।

गरीब परिवारों के लिए संबल

पायल त्रिपाठी 

प्रांतीय प्रमुख (सरल सामूहिक विवाह) पायल त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन उन परिवारों के लिए एक संबल है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों के विवाह का भार उठाने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि एक बेटी को गरिमापूर्ण विदाई देना है। इस सातवें आयोजन में भी हम 11 जोड़ों का चयन कर उनका गृहस्थ जीवन शुरू करवाएंगे।

पंजीकरण से विदाई तक की जिम्मेदारी

​पायल त्रिपाठी के अनुसार, विवाह की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होती है। सबसे पहले युवक-युवती के दोनों पक्षों की आपसी सहमति सुनिश्चित की जाती है, जिसके बाद विधिवत रजिस्ट्रेशन होता है। संस्था यह सुनिश्चित करती है कि विवाह पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संपन्न हो।
नव दंपत्तियों को आशीर्वाद देते संगठन के सदस्य

सम्मानजनक विदाई और घरेलू उपहार

उन्होंने बताया कि ​विवाह के समस्त खर्चों का वहन शाखा द्वारा किया जाता है। वधू के लिए ब्यूटी पार्लर की सुविधा से लेकर, बारात का स्वागत और भोजन की उच्च स्तरीय व्यवस्था संस्था करती है। इसके अतिरिक्त, नवदंपति को गृहस्थी सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक सारा घरेलू सामान भी उपहार स्वरूप भेंट किया जाता है।

गाजियाबाद की शाखाओं का महाभियान

​यह सेवा कार्य केवल एक शाखा तक सीमित नहीं है। गाजियाबाद की सभी 7 शाखाएं मिलकर हर साल इस महायज्ञ को सफल बनाती हैं। विभिन्न शाखाओं द्वारा अपनी क्षमतानुसार 10, 11 या 21 बेटियों का कन्यादान किया जाता है। पायल त्रिपाठी ने समाज के प्रबुद्ध जनों से इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग और योगदान प्रदान करने की अपील की है।
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