गाजियाबाद में नए साल का 'नशा': दो दिन में गटक गए 13 करोड़ की शराब, दिसंबर में बना रिकॉर्ड ​

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। नए साल के स्वागत में गाजियाबाद इस कदर डूबा कि शराब की बोतलों ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। जब शहर जश्न में झूम रहा था, तब आबकारी विभाग की तिजोरी भर रही थी; आलम यह रहा कि मात्र 48 घंटों में शहरवासियों ने 13 करोड़ रुपये की शराब हलक से नीचे उतार दी।

जाम से छलका जश्न

​30 और 31 दिसंबर को गाजियाबाद के शौकीनों ने ऐसी 'प्यास' दिखाई कि दो दिन में 13 करोड़ रुपये की शराब बिक गई। दुकानों के बाहर ऐसी कतारें लगीं मानो मुफ्त का राशन बंट रहा हो। शाम ढलते ही देसी-विदेशी शराब के ठेकों पर भीड़ इतनी बढ़ी कि कई जगह पैर रखने की जगह नहीं बची और देर रात तक स्टॉक खत्म होने लगे।
आबकारी अधिकारी संजय सिंह

अस्थाई लाइसेंस से भी चांदी

​भीड़ को संभालने और जश्न को 'लीगल' रखने के लिए आबकारी अधिकारी संजय सिंह ने मास्टरस्ट्रोक खेला। जिले की 463 दुकानों के अलावा 70 अस्थायी लिकर लाइसेंस बांटे गए। होटल, क्लब और बैंक्वेट हॉलों में इन लाइसेंसों के जरिए जाम छलकाए गए, जिससे प्रशासन की निगरानी भी रही और विभाग की कमाई में भी ज़बरदस्त उछाल दर्ज किया गया।

दिसंबर में महा रिकॉर्ड

​पूरे दिसंबर 2025 की बात करें तो गाजियाबाद ने 170 करोड़ रुपये की शराब गटक कर सबको चौंका दिया। कड़ाके की ठंड, शादियों का शोर और फिर नए साल के हुड़दंग ने मिलकर शराब कारोबार को रॉकेट बना दिया। पिछले सालों के मुकाबले इस बार की सेल ने आबकारी विभाग को मालामाल कर दिया है, जिससे सरकारी राजस्व की भी चांदी हुई है।

पॉश इलाके रहे टॉप

​इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा जैसे हाई-फाई इलाकों में सबसे ज़्यादा 'नशा' चढ़ा। यहाँ की हाई-राइज सोसायटियों और पब-रेस्टोरेंट्स में पार्टियों का ऐसा दौर चला कि दुकानों पर सन्नाटा होने से पहले ही बोतले खत्म हो गईं। पुलिस और आबकारी टीमें रात भर दौड़ती रहीं ताकि जश्न में कोई खलल न पड़े और नियम न टूटें।
विशेष: रोचक और अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। खबरों के विषय में कमेंट बॉक्स में अपना कमेंट अवश्य दें।

टिप्पणियाँ