धुएं से आज़ादी: ऑफिसर सिटी-2 में अब डीजल नहीं, गैस से दौड़ेगा जेनरेटर

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद: राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी-2 सोसाइटी ने प्रदूषण के खिलाफ एक बड़ी जंग जीत ली है। अब यहां बिजली कटने पर डीजल का काला धुआं और शोर निवासियों को परेशान नहीं करेगा, क्योंकि यहां के जेनरेटर अब आईजीएल की पीएनजी गैस से चलेंगे। ऐसा करने वाली यह इस पूरे इलाके की पहली सोसाइटी बन गई है। पर्यावरण को बचाने और निवासियों के हक के लिए शुरू हुई यह मुहिम अब धरातल पर रंग ला रही है।

बिल्डर पर जुर्माना और जीत

​इस बदलाव की कहानी एओए और स्थानीय निवासियों के कानूनी संघर्ष से शुरू हुई। कार्यवाहक अध्यक्ष गौरव सोनी ने बताया हमने 2022 में एनजीटी में बिल्डर की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई थी, क्योंकि बिना चिमनी वाले डीजल जेनरेटर और एसटीपी न होने से सोसायटी में सांस लेना दूभर था। अदालत ने हमारी बात सुनी और जनवरी 2025 में बिल्डर पर 65.70 लाख का जुर्माना ठोका। आज उसी का नतीजा है कि सोसाइटी में ऊंची चिमनियां लग गई हैं और गैस पाइपलाइन का काम भी लगभग पूरा है।

जेनसेट से जोड़ी गई पीएनजी लाइन

सस्ती बिजली और सरकारी मीटर

​गौरव सोनी के मुताबिक ऑफिसर्स सिटी-II क्षेत्र की पहली ऐसी सोसाइटी है जहां बिल्डर की ना-नुकर के बावजूद सीधे सरकारी प्री-पेड मीटर लगवाए गए। आज 300 परिवारों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। लोगों को अब सस्ती बिजली मिल रही है, लोड पूरा मिलता है और बिल में कोई हेरा-फेरी नहीं होती। यह यहां के निवासियों की आर्थिक बचत और मानसिक शांति के लिए उठाया गया बड़ा कदम था।

सबकी एकजुटता ने किया कमाल

​गौरव सोनी का कहना है कि यह पूरी कामयाबी केवल एओए की नहीं, बल्कि उन सभी निवासियों की है जिन्होंने इस लड़ाई में साथ दिया। उन्होंने कहा कि जब हम एकजुट हुए तभी बिल्डर पर दबाव बना और एसटीपी जैसा जरूरी काम शुरू हो पाया। आज ऑफिसर सिटी-2 दूसरी सोसायटियों को यह संदेश दे रही है कि अगर आप जागरूक हैं, तो अपनी सुविधाओं और पर्यावरण के लिए व्यवस्था बदल सकते हैं।

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