राजनगर एक्सटेंशन में थार सवार बदमाशों ने कार सवार युवक पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, बाल-बाल बची जान, पुलिस ने नहीं की रिपोर्ट दर्ज

सीसीटीवी में कैद कार पर फायरिंग करता थार सवार युवक
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन इलाके में शनिवार को पुरानी रंजिश के चलते एक काले रंग की थार सवार बदमाशों ने सरेराह बलेनो कार पर जानलेवा हमला करते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पीड़ित हर्ष कुमार ने मामले में नामजद तहरीर देकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने और गाड़ी की फॉरेंसिक जांच होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है और पीड़ित को कल तक का समय दिया है।

​मारपीट से शुरू विवाद

पीड़ित हर्ष कुमार जो ग्राम सिकरोड के निवासी हैं और मोबाइल की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि 1 जनवरी की रात को उनके छोटे भाई लकी और उसके दोस्त वियोग की गाड़ी वीवीआईपी सोसाइटी के अंदर टकरा गई थी। जिसके बाद अमित काजला, पंकज चौधरी, साहिल, एकलव्य पाठक और दो अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। इस मारपीट की सूचना मोरटा चौकी पर दी गई थी, जिससे आरोपी रंजिश मानकर बैठ गए थे। हर्ष के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 10:21 बजे आरोपियों ने उन्हें फोन कर पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
कार पर लगे गोलियों के निशान

दुकान पर पिस्टल तानी

धमकी के कुछ ही देर बाद सुबह करीब 10:29 बजे एक बिना नंबर प्लेट की काले रंग की थार हर्ष की दुकान के बाहर पहुंची जिस पर 'पंकज जाट 008' लिखा था। आरोपियों ने दुकान के बाहर खड़े हर्ष के बड़े भाई शुभम की छाती पर पिस्टल तान दी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वह हर्ष नहीं है तो वो उसे छोड़कर चले गए। हर्ष ने तहरीर में बताया कि इसके बाद जब वह अपनी गाड़ी लेकर दुकान से निकला तो आरोपियों ने उसका पीछा किया और राजनगर एक्सटेंशन रोड पर चलती थार से उनकी कार पर तीन गोलियां चलाईं।

​गाड़ी पर गोलियों के निशान

हमले के वक्त गाड़ी में हर्ष के साथ उनका दोस्त अंकुर भी मौजूद था, जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई और तुरंत 112 नंबर पर सूचना दी। वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें हमलावर खुलेआम फायरिंग करते दिख रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हर्ष की गाड़ी की फॉरेंसिक जांच करवाई है और गाड़ी पर मौजूद गोलियों के निशानों के साक्ष्य एकत्र किए हैं। इस गंभीर वारदात और नामजद शिकायत के बाद भी पुलिस द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज न करना चर्चा का विषय बना हुआ है।

​कल तक का समय

पीड़ित के वकील एडवोकेट सोलोमन त्यागी ने बताया कि थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने कार्रवाई के लिए पीड़ित से कल तक का समय मांगा है। वहीं, पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से अपनी सुरक्षा और नामजद आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। आरोपियों द्वारा दी गई धमकी के बाद से पीड़ित का परिवार दहशत में है।
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