गीले नोटों पर आफत
शाहबाद के हामिद के करीब एक लाख रुपये गलती से भीग गए थे। उन्हें लगा कि धूप में सुखाना सबसे सुरक्षित है, लेकिन बंदरों की नजर उन चमकते नोटों पर पड़ गई। पहरेदार को डराकर बंदरों ने नोटों की गड्डियों पर कब्जा कर लिया और छत को अपना 'बैंक' बना लिया।
सड़क पर नोटों की लूट
जैसे ही बंदरों ने ऊपर से नोट फेंकने शुरू किए, नीचे सड़क पर मेला लग गया। मोहल्ले के बच्चे और राहगीर नोटों को पकड़ने के लिए आपस में भिड़ गए। कुछ ही मिनटों में ₹21,500 गायब हो गए। जब तक हामिद नीचे पहुँचते, तब तक नोट लूटने वाले नौ दो ग्यारह हो चुके थे।
बंदरों का बढ़ता आतंक
शाहबाद में बंदरों का यह कोई पहला 'कारनामा' नहीं है। कभी वे पुलिस वालों का बटुआ उड़ा ले जाते हैं, तो कभी तहसील में आए लोगों के बैग से पैसे बिखेर देते हैं। स्थानीय लोग अब बंदरों की इस गुंडागर्दी और बच्चों की इस हरकत से खासे परेशान और हैरान हैं।
विशेष: रोचक और अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें