ऑफिसर्स सिटी-II में एनओसी के नाम पर खेल, कालातीत एओए पर अवैध वसूली के आरोप

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर्स सिटी-2 सोसाइटी में एनओसी (NOC) को लेकर विवाद गहरा गया है। निवासियों का आरोप है कि कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के पूर्व पदाधिकारी अवैध रूप से फ्लैट की बिक्री के लिए एनओसी के नाम पर धन उगाही कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि जब सोसाइटी का रखरखाव अभी भी बिल्डर के पास है, तो कालातीत एओए द्वारा वसूली करना पूरी तरह नियम विरुद्ध है। उन्होंने इस संबंध में कुछ समय पहले  जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर इसकी जांच करने और उसपर रोक लगाने की भी मांग की थी।

नियमों को ताक पर रखकर वसूली

​शिकायतकर्ता निवासियों के अनुसार, ऑफिसर्स सिटी-2 की एओए का गठन 2023 में हुआ था, जिसका कार्यकाल 2024 में समाप्त हो चुका है। आरोप है कि कालातीत हो चुके अध्यक्ष गौरव सोनी, सचिव सुशील त्यागी और कोषाध्यक्ष रश्मि चित्रांगी अभी भी खुद को पद पर बता रहे हैं। वे फ्लैट बिक्री के लिए एनओसी देने के एवज में वर्तमान फ्लैट कीमत का .5% (आधा प्रतिशत) हिस्सा अवैध रूप से वसूल रहे हैं। निवासियों का तर्क है कि बिना चुनाव और बिना बिल्डर की एनओसी के यह पूरी प्रक्रिया ही फर्जी है।

अध्यक्ष ने बताया 'बायलॉज' का नियम

​इस पूरे प्रकरण पर जब कालातीत एओए के अध्यक्ष गौरव सोनी से बात की गई, तो उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। गौरव सोनी का दावा है कि एओए के बायलॉज में यह नियम स्पष्ट रूप से बनाया गया था, जिसके तहत वे एनओसी देने के लिए पूरी तरह अधिकृत हैं। हालांकि जब उनसे बायलॉज की कॉपी मांगी गई तो उन्होंने उसे देने से साफ मना कर दिया। इसके अलावा जब  उनसे पूछा गया कि क्या कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उनके पास एनओसी जारी करने का अधिकार है, तो उन्होंने इसका सीधा जवाब देने के बजाय बिल्डर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिल्डर एनओसी के नाम पर फ्लैट मालिकों से 90 हजार रुपए और उस पर 15% जीएसटी वसूलता है, जो सरासर लूट है। उन्होंने कहा कि एनओसी की एवज में आने वाले पैसे को वो सोसायटी के वेलफेयर के कामों पर खर्च करते हैं लेकिन वो वेलफेयर का ऐसा कोई काम नहीं बता सके जो सोसायटी में कालातीत एओए द्वारा किया गया हो।

सोसायटी का माहौल गर्म

अब सोसायटी में इस बात को लेकर काफी गहमागहमी है कि गौरव सोनी और उनकी टीम सवा साल से जबरन चुनाव नहीं होने दे रही है। रेजिडेंट्स का आरोप है कि वो जबरन कार्यवाहक अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी बनकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। रेजिडेंट्स का कहना है कि सोसायटी में अब तुरंत चुनाव होने चाहिए या वर्तमान एओए का रजिस्ट्रेशन कैंसल कर देना चाहिए।

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