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विभु मिश्रा
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की हाईप्रोफाइल सोसायटी 'वीवीआईपी एड्रेसेस' में वित्तीय पारदर्शिता लाने के लिए डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा दिए गए 8 साल के फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश फिलहाल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। आदेश की तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी धरातल पर जांच शुरू नहीं हो सकी है। जहां एक ओर विभाग ने 4 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी, वहीं अब तक ऑडिट की फाइल एक सेंटीमीटर भी नहीं चली है।
17 दिसंबर को हुआ था आदेश
डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय ने 17 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर वर्ष 2018-19 से अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों की जांच के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट मोहित कौशिक को नामित किया था। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त त्यागी द्वारा लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की सच्चाई सामने लाना था।
क्या बोले कोषाध्यक्ष आरपी त्यागी
ऑडिट में हो रही देरी को लेकर नई एओए टीम के कोषाध्यक्ष आरपी त्यागी का कहना है कि उन्हें आदेश की जानकारी है। त्यागी के मुताबिक, "आदेश जरूर हुए हैं, लेकिन अभी तक रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा नियुक्त सीए ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया है। एओए जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है, सीए जब भी हमसे जो भी दस्तावेज मांगेंगे, हम उन्हें तुरंत मुहैया कराएंगे।"
सीए मोहित कौशिक ने मेल कर मांगा समय
दूसरी ओर, जांच अधिकारी सीए मोहित कौशिक का पक्ष कुछ अलग है। उनका कहना है कि एओए की नई टीम बनने के कारण समन्वय में समय लगा। उन्होंने बताया, "फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया था, लेकिन बात नहीं हो सकी। अब हमने आधिकारिक तौर पर एओए को ऑडिट के लिए समय और जरूरी दस्तावेजों की सूची मेल कर दी है। जैसे ही एओए की तरफ से जवाब आता है, ऑडिट का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।"
सचिव को जानकारी ही नहीं
हैरानी की बात यह है कि जहां एक ओर ऑडिट अभी शुरू भी नहीं हुआ है, वहीं सोसायटी की सचिव मोनिका सिंघल जमीनी हकीकत से बेखबर नजर आईं। जब उनसे ऑडिट की प्रगति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि "ऑडिट बढ़िया चल रहा है।" सचिव का यह बयान चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि जब जांच अधिकारी खुद कह रहे हैं कि काम शुरू नहीं हुआ, तो सचिव किस ऑडिट के 'बढ़िया' चलने की बात कर रही हैं?
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| डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार |
डिप्टी रजिस्ट्रार करेंगे समीक्षा
इस पूरे मामले पर डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार का कहना है कि वीवीआईपी एड्रेसेस में धारा-24 के तहत ऑडिट के आदेश जारी किए गए थे। उन्होंने कहा, "ऑडिट तय समय में क्यों शुरू नहीं हो सका, इसकी विस्तृत जानकारी अभी मेरे पास नहीं है। मैं स्वयं इस मामले की समीक्षा करूंगा और देरी के सही कारणों का पता लगाकर उचित दिशा-निर्देश जारी करूंगा।"
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