रिश्वत लेते निवाड़ी एसएचओ जयपाल रावत रंगेहाथ गिरफ्तार, फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली थी घूस

थानाध्यक्ष जयपाल रावत को ले जाते विजिलेंस अधिकारी
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। निवाड़ी थाने में तैनात इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत को विजिलेंस टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी एसएचओ पर फर्जी मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर पैसे मांगने का आरोप है। रिश्वतखोरी के मामले में गाजियाबाद पुलिस में पिछले दो महीने में ये तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले दो महिला दरोगाओं को विजिलेंस की टीम रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर चुकी है। 

फर्जी केस का आरोप

निवाड़ी थाना क्षेत्र के अबुपुर गांव निवासी राकेश कुमार उर्फ बिट्टू, जो पूर्व में ग्राम प्रधान रह चुके हैं, ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को उनके खिलाफ सीएम-पीएम पर अभद्र टिप्पणी का फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने न तो कोई पोस्ट की और न ही किसी ग्रुप में कुछ लिखा। यह पूरा मामला गांव की पुरानी चुनावी रंजिश का नतीजा है।

जेल भेजने की धमकी

पीड़ित के मुताबिक, इंस्पेक्टर जयपाल रावत ने साफ शब्दों में कहा कि अगर 50 हजार रुपये नहीं दिए गए तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। एक महीने तक वह एसीपी मोदीनगर, डीएसपी देहात समेत कई अधिकारियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान इंस्पेक्टर ने उनके घर पर दबिश देकर मानसिक उत्पीड़न भी किया।

विजिलेंस का जाल

लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने मेरठ विजिलेंस में शिकायत की। योजना के तहत आज इंस्पेक्टर को उनके कार्यालय में 50 हजार रुपये दिए गए। जैसे ही रकम ली गई, विजिलेंस टीम ने मौके पर दबिश देकर एसएचओ को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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