गाजियाबाद में तीन बहनों की मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीन रीक्रिएशन में नहीं मिली साजिश

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के मामले में पुलिस जांच ने अब तक किसी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल के सीन रीक्रिएशन से यह निष्कर्ष निकला है कि तीनों बहनों ने बारी-बारी से छलांग लगाई।

पोस्टमार्टम के निष्कर्ष

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भी तरह की मारपीट, जबरदस्ती या पुरानी चोट के निशान नहीं मिले हैं। तीनों की मौत ऊंचाई से गिरने के कारण हुई गंभीर चोटों से हुई है। सिर, पसलियों और पैरों में कई फ्रैक्चर पाए गए, साथ ही अंदरूनी अंगों के फटने की भी पुष्टि हुई है। मौत का समय तीनों का लगभग एक जैसा दर्ज किया गया है।

रीक्रिएशन से तस्वीर साफ

ट्रांस हिंडन जोन के डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि यह जांचने के लिए सीन रीक्रिएशन किया गया कि कहीं बच्चियों को धक्का देकर नीचे तो नहीं फेंका गया। जांच में सामने आया कि जिस स्लाइडिंग खिड़की से कूदने की बात सामने आई है, वहां से एक समय में केवल एक व्यक्ति ही निकल सकता है। इससे स्पष्ट है कि तीनों ने एक-एक कर छलांग लगाई।

कमरे में नहीं संघर्ष के निशान

जांच के दौरान कमरे के भीतर किसी प्रकार के संघर्ष या जबरन घुसपैठ के कोई निशान नहीं मिले। कमरा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस को तोड़कर खोलना पड़ा। खिड़की के शीशों और पूजा घर से फिंगरप्रिंट लिए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। कमरा व्यवस्थित था और फर्श पर परिवार के साथ लड़कियों की तस्वीरें सलीके से रखी हुई थीं।

डायरी, तनाव और जांच

पुलिस को कमरे से एक डायरी और मोबाइल फोन अलग रखे मिले हैं। डायरी में मिले सुसाइड नोट में मानसिक तनाव की बात सामने आई है। नोट में मारपीट का डर और शादी को लेकर आशंका का जिक्र है। पुलिस के मुताबिक पिता द्वारा मोबाइल फोन छीने जाने और कोरियन ड्रामा देखने को लेकर हुए विवाद ने तनाव बढ़ाया। पिता चेतन कुमार से पूछताछ जारी है और छीने गए मोबाइल फोनों की तलाश भी की जा रही है।

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