गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की हाईराइज़ सोसायटियों में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद हालात जस के तस हैं। नतीजा अब लोग सरकारी इंतज़ार छोड़ खुद ही जुगाड़ू समाधान तलाशने लगे हैं।
आदेश कागजों तक सीमित
हाल ही में हाईकोर्ट ने शहरों और रिहायशी इलाकों से बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपते हुए एक हफ्ते में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। राजनगर एक्सटेंशन की कई सोसायटियों में बंदरों का झुंड खुलेआम घूम रहा है।
देविका स्काइपर्स में अनोखा उपाय
राजनगर एक्सटेंशन स्थित देविका स्काइपर्स सोसायटी के रेजिडेंट्स ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। बंदरों को डराने के लिए टावरों पर लंगूरों के आदमकद कटआउट टांगे गए हैं। निवासियों का मानना है कि लंगूर की मौजूदगी का भ्रम पैदा कर बंदरों को दूर रखा जा सकता है।
बालकनी से बच्चों तक खतरा
सोसायटीवासियों के मुताबिक बंदर आए दिन बालकनियों में घुसकर सामान तोड़ देते हैं, सूखते कपड़े फाड़ देते हैं और कई बार बच्चों के करीब तक पहुंच जाते हैं। इससे अभिभावकों में डर का माहौल है। उनका कहना है कि जब तक विभाग ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक ऐसे उपाय ही सहारा हैं।
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Govt ko लोगों की सुरक्षा का ध्यान देना चाहिए
जवाब देंहटाएंबंदरो को भगाने के लिए सोसायटी के स्ट्रीट डॉग्स काम में आयेंगे, डॉग्स का मैटर भी सॉल्व हो जाएगा
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