ऑफिसर सिटी-2 में 19 अप्रैल को वोटिंग, लंबी खींचतान के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर सिटी-2 सोसायटी में लंबे समय से लटका एओए चुनाव आखिरकार पटरी पर आ गया है। नामित चुनाव अधिकारी डॉ. राजेश तेवतिया ने पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके तहत 19 अप्रैल को मतदान और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

वोटर लिस्ट पर मांगी आपत्तियां 

चुनाव की शुरुआत 30 मार्च को अनंतिम वोटर लिस्ट जारी होने के साथ हुई। इस सूची पर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 9 अप्रैल तक का समय दिया गया है। चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि तक जो निवासी मेंबरशिप फीस जमा कर देंगे, उनका नाम भी वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा। इसके बाद 10 अप्रैल को हस्ताक्षरित अंतिम मतदाता सूची सोसायटी नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी।

नामांकन और फाइनल सूची

10 अप्रैल को ही शाम 4:15 बजे से नामांकन पत्रों का वितरण एओए कार्यालय से शुरू होगा। उम्मीदवार 11 अप्रैल शाम 5 बजे तक नामांकन जमा कर सकेंगे। 12 अप्रैल दोपहर 12 बजे तक नामांकन वापसी की समय सीमा तय की गई है। इसके बाद उसी दिन शाम 5 बजे अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी।

मतदान और मतगणना शेड्यूल

19 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक सोसायटी क्लब हाउस में मतदान कराया जाएगा। इसके तुरंत बाद 3:15 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव में कुल 10 सदस्य चुने जाएंगे और सबसे ज्यादा वोट पाने वाले 10 उम्मीदवार विजेता घोषित होंगे।

मतदान के लिए सख्त नियम 

चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सख्त नियम लागू किए गए हैं। सभी मतदाताओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जैसे फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। चुनाव के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किए जाएंगे और उनकी मौजूदगी में ही मतदान व मतगणना पूरी होगी। वोटिंग प्रतिशत के आधार पर ही प्रक्रिया मान्य होगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

विवाद, खर्च और खींचतान

इस चुनाव की देरी को लेकर सबसे बड़ा सवाल कालातीत अध्यक्ष गौरव सोनी की भूमिका को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि उन्होंने लंबे समय तक चुनाव प्रक्रिया को जानबूझकर खींचे रखा। चुनाव अधिकारी द्वारा बार-बार मांगने के बावजूद वोटर लिस्ट, डिफॉल्टर्स लिस्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए और बाद में काफी देरी से सौंपे। इसके उलट वे लगातार चुनाव अधिकारी और उनकी टीम पर नए-नए आरोप लगाते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय को शिकायतें भेजते रहे।

ये है सही तस्वीर

हाल ही में चुनाव अधिकारी द्वारा पहली बार चुनावी व्यय के लिए 75 हजार रुपये की मांग रखी गई थी, लेकिन गौरव सोनी काफी पहले से अपनी तरफ से ही पैसे की मांग का बहाना बनाकर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे। और तो और उन्होंने अपनी कमी छुपाने के लिए चुनाव अधिकारी बदलने की मांग तक कर डाली। इसी खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप के चलते सोसायटी में चुनाव लंबे समय तक अटका रहा, जिस पर अब चुनाव अधिकारी ने शेड्यूल जारी कर विराम लगा दिया है। चुनाव अधिकारी डॉ. तेवतिया के मुताबिक चुनाव के लिए पहले कभी भी किसी तरह के फंड की कोई मांग नहीं की गई थी और अब भी चुनावी व्यय नियमानुसार ही मांगा गया था। जिसके खर्चे का हिसाब मांगने पर उनके द्वारा चुनाव के बाद दिया जाता।

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