औरा कायमेरा में जीबीएम पर बवाल, टीम सक्षम के बहिष्कार के बीच निवासियों ने लगाए गंभीर आरोप

एओए के खिलाफ बैठक में शामिल रेजिडेंट्स
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। विवादों के बीच राजनगर एक्सटेंशन की औरा कायमेरा सोसाइटी की एओए ने रविवार को जनरल बॉडी मीटिंग कर ली, जिसका टीम सक्षम ने विरोध करते हुए बहिष्कार कर दिया। बैठक से अलग हुई टीम के सदस्यों ने एओए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।

नियमों को लेकर उठे सवाल

टीम सक्षम की अलग बैठक राहुल त्यागी (पहलवान) के नेतृत्व में आयोजित हुई। बैठक में मौजूद सदस्यों के हवाले से बताया गया कि एओए लगातार बायलॉज का उल्लंघन कर रही है। राहुल त्यागी ने आरोप लगाया कि जनरल बॉडी मीटिंग के लिए 15 दिन पहले सूचना देना जरूरी होता है, लेकिन इस बार सिर्फ दो दिन पहले नोटिस जारी कर दिया गया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सवाल उठाने वाले सदस्यों के साथ बदसलूकी की जा रही है।

सुरक्षा और मूल सुविधाओं पर नाराजगी

बैठक में मौजूद निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता जताई। सदस्यों के अनुसार तीन साल बीतने के बावजूद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए और सोसाइटी में गार्ड भी अक्सर पूरे नहीं होते। एक सदस्य ने आरोप लगाया कि खुले बिजली के तार और कटे हुए वायर किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। फायर सेफ्टी मानकों में खामियां मिलने के बावजूद सुधार न होना भी मुद्दा बना रहा।

अनियमितताओं के आरोप

बैठक में मौजूद लोगों ने एओए पर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए। सदस्यों का कहना था कि वर्ष 2022 से अब तक कोई ऑडिट नहीं कराया गया है और मेंटेनेंस से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की जाती। एक निवासी के मुताबिक, 2023 के चुनावों का भी कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, जबकि दावा किया जाता है कि चुनाव नियमानुसार हुए थे। उप-निबंधक कार्यालय में शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से भी नाराजगी दिखी।

पर्यावरण और लिफ्ट मुद्दे पर आक्रोश

निवासियों ने पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का भी मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि एसटीपी का पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे नाले में डाला जा रहा है। वहीं सोसाइटी की लिफ्टों की खराब स्थिति और उनका पंजीकरण न होना भी चिंता का कारण बना हुआ है। एक निवासी ने कहा कि 2007 में शुरू हुआ प्रोजेक्ट आज तक अधूरा है, जिससे एओए और बिल्डर दोनों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े होते हैं।

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