- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गाजियाबाद। गृहकर की बढ़ी दरों पर पूरे वित्त वर्ष तक चली खींचतान के बावजूद तस्वीर साफ नहीं हो सकी। 31 मार्च तक न शासन ने कोई ठोस आदेश जारी किया और न ही नगर निगम ने राहत को लेकर स्पष्ट घोषणा की। एक तरफ मेयर की ओर से ब्याज में राहत के दावे किए जाते रहे, तो दूसरी तरफ निगम की सख्ती और वसूली संदेशों ने करदाताओं को उलझन में डाल दिया। इसी असमंजस और 12 प्रतिशत ब्याज के डर के बीच अंतिम दिन निगम दफ्तरों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
अस्पष्ट आदेश, बढ़ा संशय
शहर के करीब पांच लाख करदाताओं में से लगभग तीन लाख ने अब तक गृहकर जमा नहीं किया है। बड़ी संख्या में लोगों ने बढ़ी दरों के विरोध में भुगतान टाल दिया, जबकि कई लोग अंतिम समय तक शासन के आदेश का इंतजार करते रहे। लेकिन वित्त वर्ष के आखिरी दिन तक कोई आधिकारिक स्पष्टता न मिलने से करदाता यही तय नहीं कर पाए कि बढ़ी दरों पर टैक्स जमा करें या इंतजार करें।
मेयर vs अफसर टकराव
मेयर सुनीता दयाल ने दावा किया कि जिन करदाताओं ने अभी तक भुगतान नहीं किया है, उनसे 12 प्रतिशत ब्याज नहीं लिया जाएगा और दरों में कमी को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया जारी है। लेकिन दूसरी ओर निगम अधिकारियों की सख्ती और लगातार वसूली के संदेशों ने मेयर के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। करदाता समझ नहीं पा रहे कि किसकी बात पर भरोसा करें।
ब्याज का डर, भीड़ उमड़ी
व्यापारियों के धरने में अधिकारियों ने राहत और 20 प्रतिशत छूट जारी रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके उलट 31 मार्च के बाद ब्याज वसूली के संदेशों ने दबाव बना दिया। नतीजा यह रहा कि संशय और ब्याज के डर के बीच अंतिम दिन नगर निगम मुख्यालय और जोनल दफ्तरों में कर जमा कराने वालों की लंबी कतारें लग गईं।
विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें।
civic issue
Ghaziabad news
ghaziabad tax
house tax
municipal tax
nagar nigam news
tax confusion
tax dispute
tax hike
स्थान:
India
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
.jpeg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें