गौर कैसकेड्स एओए चुनाव: विकास के मुद्दों के बीच 'आरएसएस कार्ड' की सियासी बिसात!

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की गौर कैसकेड्स सोसायटी में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। तमाम विवादों के बाद 19 अप्रैल को एओए के लिए मतपत्रों से मतदान होगा। मैदान में टीम संकल्प और टीम नवोदय के दस-दस प्रत्याशी आमने-सामने हैं। सोसायटी के विकास से जुड़े मुद्दे चर्चा में हैं, लेकिन पर्दे के पीछे 'आरएसएस फैक्टर' ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। हर टावर, हर लिफ्ट में बस चुनाव की बातें हो रही हैं।

विकास के वादों की जंग

दोनों पैनल के प्रत्याशी वोटरों को साधने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। सोसायटी का मेंटेनेंस और साफ-सफाई, बिल्डर से लंबित सुविधाओं का हैंडओवर, बिजली बिल कम करने के लिए सोलर पैनल लगवाना और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करना बड़े मुद्दे हैं। पार्किंग की समस्या और कॉमन एरिया का रखरखाव भी प्रत्याशियों के एजेंडे में शामिल है। हर प्रत्याशी इन्हीं मुद्दों पर निवासियों का भरोसा जीतने का दावा कर रहा है।

अचानक लौटी शाखा की गर्मी

मुद्दों के शोर में सबसे ज्यादा चर्चा 'आरएसएस कार्ड' की हो रही है। चुनाव की घोषणा होते ही सोसायटी में लंबे समय से बंद पड़ी शाखा फिर शुरू हो गई है। साथ ही साप्ताहिक गणपति मिलन कार्यक्रम भी दोबारा आयोजित किया जाने लगा है। सोसायटी के लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में निवासी आरएसएस और भाजपा से जुड़े हैं, इसलिए एक पैनल इस फैक्टर को पूरी ताकत से भुना रहा है।

पुराना दांव, नया चुनावी मौसम

निवासियों के मुताबिक यह कोई नया पैटर्न नहीं है। पिछले दो-तीन एओए चुनाव से ठीक पहले भी इसी तरह गणपति मिलन कार्यक्रम शुरू किया गया था। चुनाव निपटते ही कार्यक्रम बंद हो गया था। अब 19 अप्रैल का मतदान नजदीक आते ही फिर वही रणनीति अपनाई गई है। अब देखना यह है कि इस बार वोटर मुद्दों को चुनते हैं या भावनात्मक जुड़ाव को। इसका जवाब मतगणना के बाद ही मिलेगा।

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