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गाजियाबाद। पूर्व सांसद डीपी यादव ने 1998 के संभल लोकसभा चुनाव से जुड़े पुराने सियासी घटनाक्रम को फिर सामने रखते हुए एक बार फिर मुलायम सिंह यादव पर “राजनीतिक धोखा” देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें चुनाव लड़ाने का भरोसा दिया गया, लेकिन ऐन वक्त पर खुद मैदान में उतरकर उन्हें किनारे कर दिया गया। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कहने पर उन्होंने भाजपा के टिकट पर मुलायम के खिलाफ चुनाव लड़ा। अब उन्होंने दावा किया है कि अपनी पार्टी राष्ट्रीय परिवर्तन दल के बैनर तले 2027 विधानसभा चुनाव में वो फिर से अपनी नई राजनीतिक पारी खेलेंगे। उन्होंने 100 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतरने का भी ऐलान भी किया।
शोकसभा से शुरू हुई सियासत
मौन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए डीपी यादव ने बताया कि 1998 में उनके बड़े भाई राम सिंह यादव ‘महाशय जी’ की हत्या के बाद हुई शोकसभा में मुलायम सिंह यादव, जनेश्वर मिश्र, बलराम सिंह यादव, रामगोपाल यादव, अमर सिंह और शिवपाल यादव पहुंचे थे। इसी दौरान मंच से मुलायम सिंह यादव ने हजारों लोगों के सामने उन्हें “समाजवाद का सच्चा योद्धा” बताते हुए संभल से लोकसभा चुनाव लड़ाने की बात कही थी। बाद में दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर भी मुलायम सिंह, अमर सिंह और जनेश्वर मिश्र ने उनसे चुनाव लड़ने को कहा, जिसके बाद उन्होंने तैयारी शुरू कर दी।
नामांकन से पहले बदल गया फैसला
डीपी यादव के मुताबिक जब वह पूरी तरह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो चुके थे, तभी नामांकन की आखिरी तारीख से दो दिन पहले मुलायम सिंह यादव ने खुद संभल सीट से पर्चा भर दिया। उन्होंने इसे अपने साथ हुआ सबसे बड़ा राजनीतिक धोखा बताया। उनका कहना है कि यह पूरा फैसला अमर सिंह के प्रभाव में लिया गया, क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि मुलायम सिंह यादव और उनके बीच फिर से नजदीकी बढ़े।
अटल की पहल से भाजपा प्रत्याशी बने
उन्होंने बताया कि इसी बीच उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का फोन आया और उन्हें प्रधानमंत्री आवास बुलाया गया। वहां अटल जी ने उनसे पूछा कि क्या वह मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहते हैं। सहमति मिलने पर उन्हें तुरंत लखनऊ भेजा गया, जहां कालिदास मार्ग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और उस समय के प्रदेश अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उन्हें भाजपा का एबी फॉर्म देकर अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया।
दो दिन में खड़ा किया दमदार मुकाबला
डीपी यादव ने कहा कि उन्होंने महज दो दिन के भीतर ऐसी चुनावी तैयारी की कि मुरादाबाद में नामांकन के दौरान भारी भीड़ उमड़ी और हर कोई हैरान रह गया। उनके मुताबिक इस चुनाव की अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा हुई और उन्होंने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ बेहद कड़ा मुकाबला पेश किया। यह चुनाव उनके राजनीतिक जीवन का अहम मोड़ साबित हुआ।
2027 में 100 सीटों पर नजर
मौन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए वर्तमान रणनीति पर डीपी यादव ने साफ किया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय परिवर्तन दल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी और वह खुद भी चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा और सपा समेत कई दलों से गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है। जो भी राजनीतिक समीकरण उनके पक्ष में बनेगा, उसी के साथ उनकी पार्टी चुनाव मैदान में उतरेगी।
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India
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