- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
बालमुकुंद रेजीडेंसी चुनाव में ‘सेटिंग’ के संगीन आरोप, इलेक्शन ऑफिसर ने डिफॉल्टर को बनाया प्रत्याशी, नियमों को किया दरकिनार!
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित बालमुकुंद रेजीडेंसी में 29 मार्च को हुए एओए चुनाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व एओए अध्यक्ष एडवोकेट डॉ. शबनम खान ने डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स गाजियाबाद को भेजे विस्तृत शिकायती पत्र में चुनाव अधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा पर यूपी अपार्टमेंट एक्ट की खुलेआम अवहेलना और पक्षपातपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के आरोप लगाए हैं। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट और थाना नंदग्राम को भी भेजी गई है।
डिफॉल्टर को चुनाव में उतारा
डॉ. शबनम खान ने आरोप लगाया है कि ए-73 निवासी मोहित वशिष्ठ सोसायटी के डिफॉल्टर हैं। चुनाव अधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा ने उन्हें नियमों के विपरीत चुनाव लड़ाया। जबकि बकायेदार व्यक्ति को प्रत्याशी बनने की इजाजत नहीं होती। यह चुनाव की निष्पक्षता पर सीधा हमला है। हालांकि मोहित वशिष्ठ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए खुद को क्लीन बताया और विपक्ष की हार की बौखलाहट करार दिया।
नॉमिनेशन प्रक्रिया में खेल
शिकायत में कहा गया है कि नामांकन प्रक्रिया भी पूरी तरह से नियमों के विपरीत कराई गई। एक ही व्यक्ति द्वारा एक पक्ष के सभी 10 प्रत्याशियों के फॉर्म रिसीव और जमा किए गए, जबकि प्रत्याशी की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होती है। नॉमिनेशन प्रक्रिया के लिए 8 और 9 मार्च की तिथि तय थी जिसे चुनाव अधिकारी ने अपने स्तर पर बदलकर 11 मार्च कर दिया। बिना आईडी और फोटो सत्यापन के फॉर्म में बदलाव करना भी गंभीर अनियमितता बताया गया है।
वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी
![]() |
| Ad. Shabnam Khan |
एडवोकेट डॉ. शबनम खान के अनुसार वोटर लिस्ट बिना कार्यवाहक अध्यक्ष और सचिव के सत्यापन के तैयार की गई। कई ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल रहे जो फ्लैट बेच चुके हैं, जबकि नए मालिकों को जानबूझकर बाहर रखा गया। चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को सोसायटी में चस्पा नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार की आपत्तियां आमंत्रित की गईं। कई निवासियों के पास रजिस्ट्री और मेंटेनेंस के प्रमाण थे लेकिन उनके नाम लिस्ट में शामिल नहीं किए गए।
चुनाव अधिकारी पर और आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि निर्धारित क्लब हाउस के बजाय सोसायटी में अलग-अलग स्थानों पर बूथ बनाकर मतदान कराया गया। चुनाव के दौरान चुनाव अधिकारी द्वारा एक पैनल के उम्मीदवारों के पक्ष में खुलेआम वोट अपील करने और वोट डालते समय मतदाताओं के मतपत्र पर नजर रखने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। यहां तक कि चुनाव समाप्त होते ही चुनाव अधिकारी द्वारा विजयी पक्ष के साथ माला पहनकर और लड्डू बांटकर जश्न मनाने तक की बात कही गई है, जो निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
डीआर के आदेशों की अनदेखी
डॉ. शबनम खान ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि चुनाव अधिकारी ने डिप्टी रजिस्ट्रार और सिटी मजिस्ट्रेट के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी की। पूर्व में भेजे गए पत्रों और जांच के आदेश के बावजूद बिना निस्तारण के जल्दबाजी में चुनाव करा दिया गया। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी का झुकाव एक पक्ष की ओर रहा।
सभी आरोप बेबुनियाद: डॉ. ज्ञानेंद्र
वहीं चुनाव अधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए चुनाव को निष्पक्ष बताया, लेकिन डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश, डिफॉल्टर प्रत्याशी और वोटर लिस्ट गड़बड़ी जैसे अहम सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और जिम्मेदारी पूर्व एओए पदाधिकारियों पर डालते नजर आए।
डीआर ने कही जांच की बात
इस संबंध में डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार का कहना है कि उन्हें सोसायटी में नियमों के विरुद्ध जाकर चुनाव कराए जाने की शिकायत मिली है। अभी वो इलाहाबाद जा रहे हैं। सोमवार को आकर वो इस मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। चुनाव को मजाक नहीं बनने दिया जाएगा।
विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें।
AOA dispute
Apartment Act
Balmukund Residency
election controversy
Election Officer
Ghaziabad news
nomination fraud
Society election
Voter List
स्थान:
India
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप






टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें