125 साल पुरानी रामलीला कमेटी में कुर्सी का 'महासंग्राम': नेताओं की गुटबाजी में अटका चुनाव, अब प्रशासन कराएगा वोटिंग

चुनाव अधिकारी द्वारा जारी किया गया पत्र
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। शहर की सबसे वीवीआईपी घंटाघर सुल्लामल रामलीला कमेटी में इन दिनों चुनावी घमासान मचा हुआ है। आपसी खींचतान और गुटबाजी के चलते इस ऐतिहासिक कमेटी का चुनाव पूरी तरह विवाद की भेंट चढ़ चुका है। असल में इस कमेटी का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इसके बावजूद दोनों गुट चाह रहे थे कि डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय के चक्कर काटे बिना, आपसी रजामंदी से ही जैसे-तैसे चुनाव निपटा लिया जाए। लेकिन दोनों पक्षों में जिद, गुटबाजी और संघर्ष इतना ज्यादा बढ़ गया कि वे आपस में चुनाव करा ही नहीं सके और आखिरकार मामला पूरी तरह फंसने के बाद अब सीधे प्रशासनिक अफसरों के पाले में पहुंच गया है।

बड़े-बड़े दिग्गजों की प्रतिष्ठा फंसी

बता दें कि यह कोई आम कमेटी नहीं है, बल्कि 125 साल पुराना शहर का सबसे रसूखदार संगठन है जिससे गाजियाबाद के तमाम बड़े नेता, सांसद, विधायक, नामी व्यापारी और समाजसेवी जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि जब भी यहाँ चुनाव की बात आती है, तो नेताओं की साख दांव पर लग जाती है। सूत्रों के मुताबिक इस बार भी पर्दे के पीछे से सत्तारूढ़ भाजपा के बड़े-बड़े जनप्रतिनिधियों का हाथ दोनों अलग-अलग गुटों के सिर पर है। दोनों ही तरफ भारी पॉलिटिकल सपोर्ट होने के कारण कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं हुआ और इसी रसूख की लड़ाई में चुनाव अधर में लटक गया।
कमेटी कार्यालय पर नोटिस चस्पा करते सोनूप्रकाश

सरकारी अफसर ने संभाली कमान

अब जब आपसी विवाद के चलते दोनों गुट खुद चुनाव कराने में पूरी तरह फेल हो गए, तो अब यह चुनाव डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की देखरेख में ही संपन्न होगा। डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ राजेश तेवतिया को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया है। चुनाव अधिकारी ने कमान संभालते ही तुरंत बड़ा एक्शन लिया और रामलीला कमेटी के दफ्तर पर एक कड़ा आधिकारिक नोटिस चस्पा करा दिया है। इस सरकारी नोटिस के चप्पा होते ही कमेटी में खलबली मच गई है।

मांगी वोटर लिस्ट और बायलॉज

चुनाव अधिकारी डॉ. राजेश तेवतिया ने जो नोटिस जारी किया है, उसमें कमेटी के पुराने और मौजूदा अध्यक्ष, सचिव और सभी मेंबरों को साफ निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में साफ कहा गया है कि अब चुनाव पूरी तरह से कमेटी के पंजीकृत नियमों (बायलॉज) के हिसाब से ही कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाने के लिए अफसर ने कमेटी से बायलॉज और पिछले साल की वोटर लिस्ट मांगी है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। इस नोटिस की कॉपी जिलाधिकारी गाजियाबाद और डिप्टी रजिस्ट्रार दफ्तर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है ताकि नियमों में कोई हेरफेर न हो सके। 

विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें।

टिप्पणियाँ