गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पावन चिंतन धारा आश्रम में जुटे देशभर के श्रद्धालु

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। पावन चिंतन धारा आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। परम पूज्य डॉ. पवन सिन्हा 'गुरुजी' के सान्निध्य में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे दीक्षित शिष्यों ने गुरु वंदना, ध्यान, भजन और सामूहिक प्रार्थना में भाग लिया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

श्रद्धा से सजा आश्रम

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। गुरुजी, गुरुमाँ डॉ. कविता अस्थाना तथा आस्तिक सिन्हा अस्थाना ने गुरु महाराज स्वामी रामकृष्ण परमहंस, श्रीमाँ शारदा देवी और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भक्ति और समर्पण के साथ गुरु पूजन में हिस्सा लिया।

गुरुजी ने दिया संदेश

अपने संबोधन में डॉ. पवन सिन्हा ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने शिष्यों से सेवा, साधना और स्वाध्याय को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। साथ ही भय, अहंकार और निंदा से दूर रहकर भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

भजनों से भावविभोर श्रद्धालु

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में सुर साधक मंडली ने गुरु-भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी। ख्याति मेहरा, करण मल्होत्रा, आस्तिक सिन्हा अस्थाना समेत अन्य साधकों के भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आयोजन के अंत में गुरु-शिष्य परंपरा को आत्मिक उन्नति और समाज में सकारात्मक चेतना का आधार बताते हुए सभी ने गुरु कृपा का आशीर्वाद प्राप्त किया।


विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें।

टिप्पणियाँ