विभु मिश्रा
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन के परिवर्तन स्कूल पर एक बार फिर तानाशाही का आरोप लगा है। 9वीं के छात्र आर्यन वर्मा को स्कूल से जुड़ा इंस्टाग्राम ग्रुप जॉइन करने पर एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया गया। माता-पिता का आरोप है कि स्कूल ने फर्जी अकाउंट बनाने वाले पर कार्रवाई के बजाय मासूम बच्चों को निशाना बनाया। उधर स्कूल प्रबंधन ने भी मामले की शिकायत सायबर सेल में करने की बात कही है।
ये है मामला
छात्र की शिक्षिका मां स्वाति वर्मा ने बताया कि उनका 14 साल का बेटा आर्यन गलती से स्कूल से जुड़ा एक इंस्टाग्राम ग्रुप जॉइन कर बैठा। उसने न उसमें कोई कोई पोस्ट की, न लाइक, न कमेंट। फिर भी स्कूल ने उनके वाट्सअप पर मैसेज भेज दिया कि आपका बच्चा 13 से 20 मई तक स्कूल से रेस्टीकेट रहेगा। हम जब स्कूल पहुंचे तो हमें प्रिंसिपल से मिलने नहीं दिया गया। कहा गया मोबाइल बाहर रखो, आप रिकॉर्ड कर लोगे। वाइस प्रिंसिपल ने बस इसे सीबीएसई के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बताये हुए कार्रवाई की बात कही। श्रीमती वर्मा ने बताया कि स्कूल में बच्चों के पीटी एग्जाम चल रहे हैं और स्कूल ने सजा के तौर पर उनके बेटे के पीटी के नंबर काटने की धमकी भी दी है।
 |
| बेटे के रेस्टीकेशन की जानकारी देतीं स्वाति वर्मा |
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
पिता आलोक वर्मा ने स्कूल के फैसले को गलत और खतरनाक बताया। उन्होंने कहना है कि स्कूल के नाम से किसी ने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया है। स्कूल को चाहिए था कि वो पुलिस में शिकायत दर्ज कराए, लेकिन इसके बजाय उनके बेटे को एक हफ्ते के लिए स्कूल से रेस्टीकेट कर दिया। उन्होंने बताया कि आर्यन के अलावा चार और बच्चों को भी इसी तरह रेस्टीकेट किया गया है। यह पूरी तरह तानाशाही है। बच्चों की गलती सिर्फ इतनी थी कि वे उस ग्रुप में जुड़ गए। स्कूल का यह निर्णय बिल्कुल गलत है और बच्चे की मानसिक स्थिति के लिए खतरनाक है।
स्कूल के खिलाफ नाराजगी
परिवार का आरोप है कि स्कूल ने बिना जांच और बिना सुनवाई के कार्रवाई की। बच्चों से जबरन एप्लीकेशन भी लिखवाई गई। आरएनईएक्स के दीपांशु मित्तल और फ्रैंस के वरिष्ठ सचिव अभिनव त्यागी ने भी इस मामले को उठाया है। उनका कहना है कि स्कूल का ये तानाशाही रवैया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल ने क्लास टीचर के जरिए नोटिस भेजा, लेकिन पूछने पर कोई ठोस कारण नहीं बताया। स्कूल सुधारने की जगह है, सजा देने की नहीं।
 |
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट दिखाते छात्र के पिता आलोक वर्मा |
क्या बोला स्कूल प्रबंधन
उधर इस संबंध में स्कूल प्रशासन का कहना है कि ये ग्रुप स्कूल के ही छात्रों द्वारा बनाया गया है। जिसमें स्कूल की प्रिंसिपल की फोटो भी उनकी परमिशन के बिना लगाई गई है। स्कूल प्रबंधन ने इस मामले में सायबर सेल में शिकायत करने की बात भी कही है।
विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें