विभु मिश्रा
गाजियाबाद। शहर की हाईराइज सोसायटियों में रहने वाले लोगों के लिए लिफ्ट अब सुविधा नहीं, खतरा बनती जा रही है। एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने लिफ्ट मेंटेनेंस और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालात ऐसे हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ताजा घटनाओं में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरी सोसायटी में वृद्धा समेत दो महिलाओं की जान बाल-बाल बची।
केडीपी में लिफ्ट में फंसी महिलाएं
राजनगर एक्सटेंशन की केडीपी ग्रैंड सवाना सोसायटी में रहने वाली निधि विश्वकर्मा ने बताया कि मंगलवार रात करीब 9 बजे वह एल टावर की बड़ी लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला के साथ चढ़ीं। महिला को 8वीं मंजिल पर उतरना था, लेकिन लिफ्ट वहां खुली ही नहीं और बीच में फंस गई। काफी देर तक अलार्म बजाने के बाद लिफ्ट अचानक चल पड़ी और 11वीं मंजिल तक जाकर झटके के साथ नीचे गिरते हुए 9वीं मंजिल पर अटक गई। गार्ड की मदद से किसी तरह लिफ्ट का दरवाजा हाथ से खोलकर बहुत छोटी जगह से दोनों को बाहर निकाला गया। वृद्ध महिला पैरों में दर्द के कारण खुद बाहर नहीं आ पा रही थीं, जिन्हें तीन लोगों की मदद से निकाला गया। घटना के बाद से सोसायटी की लिफ्ट व्यवस्था और एओए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
गुलमोहर एन्क्लेव में युवक घायल
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| घायल पंकज बत्रा |
इससे पहले राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में सोमवार देर रात लिफ्ट हादसे में एक युवक घायल हो गया। फ्लैट नंबर 605 निवासी पंकज बत्रा के अनुसार, वह लिफ्ट से नीचे आ रहे थे, तभी लिफ्ट अचानक डगमगाने लगी और तेज झटकों के साथ गिरते हुए तीसरी मंजिल पर जाकर रुकी। हादसे में उनकी पसलियों में चोट आई और अंदरूनी चोट के चलते उन्हें इलाज कराना पड़ा।
पीड़ित का आरोप है कि शिकायत करने पर आरडब्ल्यूए सचिव ने फोन पर धमकाया और एफआईआर कराने की बात कही। इतना ही नहीं, उन्हें सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप से भी हटा दिया गया। पीड़ित ने डायल 112 पर शिकायत दर्ज कराते हुए सिहानी गेट थाने में कार्रवाई की मांग की है।
मेंटेनेंस पर उठे बड़े सवाल
दोनों घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि भारी-भरकम मेंटेनेंस शुल्क लेने के बावजूद सोसायटियों में लिफ्ट की हालत बदहाल है। निवासियों का आरोप है कि नियमित जांच, सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे लोगों की जान जोखिम में है।
प्रशासनिक लापरवाही बनी वजह
गाजियाबाद की सोसायटियों में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, जबकि जमीनी स्तर पर सुधार नहीं होता। जानकारी के मुताबिक, शहर में बड़ी संख्या में लिफ्टें बिना उचित रजिस्ट्रेशन और लिफ्ट एक्ट के मानकों के विपरीत संचालित हो रही हैं, और संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
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