जाटव समाज की अनदेखी के आरोपों से घिरे भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, दिया ये जवाब....

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। महानगर भाजपा में एक फेसबुक पोस्ट को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। भाजपा कार्यकर्ता अशोक संत ने महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल पर जाटव समाज और दलित कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर लिखी गई इस पोस्ट के बाद संगठन के भीतर हलचल बढ़ गई है। वहीं, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उन्होंने हमेशा सभी समाज के लोगों को सम्मान दिया है और संगठन में दलित वर्ग के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

फेसबुक पोस्ट से बढ़ी चर्चा

अशोक संत
भाजपा कार्यकर्ता अशोक संत ने अपनी फेसबुक आईडी पर एक लंबी पोस्ट लिखते हुए संगठन महामंत्री से शिकायत करते हुए लिखा है:-
“आदरणीय सम्मानीय संगठन महामंत्री जी उत्तर प्रदेश आपसे गुजारिश करता हूँ गाजियाबाद के यशस्वी अध्यक्ष मयंक गोयल जी गाजियाबाद में दलित जाति को जाटव समाज को सम्मान नहीं देते रात दिन जाटव समाज के पढ़े लिखे एडवोकेट वर्ग का सम्मान नहीं करते मिलने के लिये समय मांगने पर समय नहीं देते अगर ऐसा रहा तो आगामी चुनाव में हमारी पार्टी का क्या होगा क्योंकि जाटव जो पक्का भाजपा का समर्थक है वह विचित्र शंका में है मोदी जी योगी जी को हम छोड़ नहीं सकते परंतु महानगर अध्यक्ष जी की कार्य शैली से इत्तफाक नहीं रखते जबकि हम अपनी जान गंवा देंगें पर भाजपा का दामन नहीं छोडेंगे चाहे हमें अपनी जान क्यूँ ना गंवानी पड़े ! हमें इंसाफ चाहिये आपका भाजपा कार्यकर्ता अशोक संत”

यह पोस्ट सामने आने के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। पोस्ट में जाटव समाज की नाराजगी और संगठन में सम्मान न मिलने की बात को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

क्या बोले महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल 

मयंक गोयल
महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अभी तक इस पोस्ट की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर अशोक संत ने ऐसा लिखा है तो यह उनके लिए भी आश्चर्य की बात है। मयंक गोयल के मुताबिक, उन्होंने हमेशा सभी कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि करीब 15 दिन पहले ही अशोक संत ने सोशल मीडिया पर उनके व्यवहार और कार्यशैली की तारीफ करते हुए पोस्ट लिखी थी। ऐसे में अचानक लगाए गए आरोप समझ से परे हैं। मयंक गोयल ने यह भी कहा कि भाजपा संगठन में दलित और बाल्मीकि समाज के कई कार्यकर्ताओं को बड़े पदों पर जिम्मेदारी दी गई है।

चुनावी माहौल में बढ़ी सियासत

भाजपा के भीतर सामने आया यह मामला ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब पार्टी आगामी चुनावों को लेकर संगठन मजबूत करने में जुटी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटव समाज को प्रभावशाली वोट बैंक माना जाता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आई यह नाराजगी राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। हालांकि भाजपा के कई नेता इसे व्यक्तिगत असंतोष बता रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से संगठन के खिलाफ उठी आवाज ने पार्टी के भीतर चल रही हलचल को जरूर उजागर कर दिया है। 

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