लोनी से ISI तक: क्या है तेलंगाना में पकड़े गए जैद का गाजियाबाद कनेक्शन!

तेलंगाना पुलिस की गिरफ्त में जैद
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। तेलंगाना में पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े नेटवर्क पर हुई कार्रवाई के बाद गाजियाबाद के लोनी इलाके में भी चर्चा तेज हो गई है। गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद जैद का परिवार यहीं किराए के मकान में रहता है। मजदूरी करने वाले पिता दिलीप खान का कहना है कि उन्हें अब तक समझ नहीं आ रहा कि रील बनाने का शौक रखने वाला उनका बेटा आखिर किन लोगों के संपर्क में पहुंच गया। परिवार का दावा है कि जैद घर से नौकरी करने निकला था, लेकिन अब उसका नाम जासूसी और पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़ रहा है।

होटल की नौकरी छोड़ी

दिलीप खान के मुताबिक, जैद कुछ महीने पहले हैदराबाद गया था। वहां उसके चचेरे भाई फैजान ने एक होटल में वेटर की नौकरी लगवाई थी। परिवार को लगा था कि बेटा कमाकर घर संभालेगा। पिता ने बताया कि जाते समय उन्होंने चार हजार रुपए दिए थे और इसके बाद फोन पर ही बात होती रही। वह दोबारा गाजियाबाद नहीं लौटा। अचानक तेलंगाना पुलिस का फोन आया तो पहले लगा कि शायद कोई हादसा हो गया है, लेकिन बाद में गिरफ्तारी की जानकारी मिली।

सोशल मीडिया से पहचान

पुलिस के मुताबिक, जैद ने पूछताछ में बताया है कि वो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लगातार रील और वीडियो पोस्ट करता था। इसी दौरान आबिद और राणा हुसैन नाम के लोगों ने उससे संपर्क बढ़ाया। पहले सामान्य बातचीत हुई और बाद में उसे अलग-अलग स्क्रिप्ट और टास्क भेजे जाने लगे। उसने पुलिस को बताया कि प्रयागराज में एक व्यक्ति की लोकेशन शेयर कराने के बाद गाजियाबाद में पाकिस्तानी डॉन आबिद के नाम के पोस्टर लगाने का काम भी उसे दिया गया था। बदले में हथियार देने का लालच दिया गया था।

मंत्रियों के नंबर पहुंचे

जांच एजेंसियों के अनुसार, बाद में जैद को यूपी के कई मंत्रियों और सीएम योगी के करीबी लोगों के मोबाइल नंबर जुटाने का टास्क मिला। पूछताछ में उसने इंटरनेट के जरिए नंबर निकालकर भेजने की बात कबूल की है। पुलिस अब उसके मोबाइल, सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल और वॉट्सएप ग्रुप की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और नेटवर्क कितना बड़ा है।
जैद के बीमार लाचार पिता

परिवार पर टूटा संकट

लोनी में रहने वाला परिवार अब पूरी तरह टूट चुका है। दिलीप खान ने बताया कि वह खुद बीमार रहते हैं और मजदूरी करके जैसे-तैसे घर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक हालत ऐसी नहीं कि तेलंगाना जाकर बेटे की जमानत करा सकें। सबसे बड़ी चिंता यह है कि जैद की मां लंबे समय से बीमार हैं और उन्हें अभी तक बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। परिवार अब पूरे मामले में खुद को बेबस महसूस कर रहा है।

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