निगम कार्रवाई के बाद ऑरा चिमेरा में मिला अवैध अतिक्रमणकारियों को संरक्षण, एओए पर उठीं उंगलियां

सोसायटी परिसर में अवैध रूप से रखा दुकानों का सामान
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑरा चिमेरा सोसायटी में अवैध ठेलियों और काउंटरों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि जिन ठेलियों और अस्थायी दुकानों को हाल ही में नगर निगम ने सोसायटी के बाहर से हटवाया था, उनका सामान अब सोसायटी परिसर के भीतर रखवा दिया गया है। इसे लेकर निवासियों ने एओए की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि नगर निगम की कार्रवाई के बाद यदि वही सामान सोसायटी के अंदर पहुंच गया है तो इसके पीछे जिम्मेदार कौन है, यह स्पष्ट होना चाहिए।

यूं उठे सवाल

निवासियों के अनुसार नगर निगम ने हाल ही में सोसायटी के बाहर सड़क किनारे लगने वाली अवैध ठेलियों, काउंटरों और अस्थायी दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी। कार्रवाई के बाद लोगों को उम्मीद थी कि लंबे समय से बना अतिक्रमण का मुद्दा खत्म हो जाएगा, लेकिन अब उन्हीं ठेलियों और काउंटरों का सामान सोसायटी परिसर के भीतर दिखाई देने से विवाद फिर गरमा गया है। लोगों का कहना है कि जिस सामान को बाहर से हटाया गया, वह अंदर कैसे पहुंच गया, यह बड़ा सवाल है।
सोसायटी के बाहर से हटाया गया अतिक्रमण

किसने दी परमिशन ?

सोसायटी के निवासियों का कहना है कि परिसर के भीतर ठेलियों और काउंटरों का सामान रखवाने का फैसला किसने लिया, इसकी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है कि इस संबंध में पूछे गए सवालों का भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब किया गया और सोसायटी की साझा जगहों का उपयोग किस अधिकार से किया जा रहा है।

वसूली के आरोपों से बढ़ा विवाद

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन लोगों पर पहले सोसायटी के बाहर अवैध रूप से ठेलियां और दुकानें लगवाने तथा उनसे धन वसूलने के आरोप लगते रहे हैं, उन्हीं लोगों ने अब इन ठेलियों और काउंटरों का सामान सोसायटी के भीतर रखवाया है। निवासियों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर अवैध वसूली हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सुंदरता और सुरक्षा दोनों पर चिंता

निवासियों का कहना है कि सोसायटी एक आवासीय परिसर है, न कि सामान रखने का स्थान। परिसर के भीतर ठेलियों और काउंटरों का सामान रखे जाने से जहां सोसायटी की सुंदरता प्रभावित हो रही है, वहीं सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। लोगों का कहना है कि बाहरी लोगों की आवाजाही और अव्यवस्थित ढंग से रखे गए सामान के कारण भविष्य में कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। निवासियों ने प्रशासन से मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि नगर निगम द्वारा हटाए गए सामान को सोसायटी परिसर के भीतर रखने की अनुमति आखिर किसने दी।

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