बिजली कटते ही खुली मिग्सन रूफ की पोल, डीजी में नहीं मिला डीजल, 500 परिवार अंधेरे में डूबे

अंधेरे में डूबी मिग्सन रूफ सोसायटी
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की मिग्सन रूफ सोसायटी में शुक्रवार शाम पीवीवीएनएल की बिजली गुल होने के बाद बिल्डर प्रबंधन की लापरवाही सामने आ गई। सोसायटी के डीजी सेट में डीजल नहीं होने के कारण करीब 850 फ्लैटों वाली सोसायटी के 500 परिवारों को बैकअप बिजली भी नहीं मिल सकी। बारिश के बाद उमस भरे मौसम में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। शाम साढ़े छह बजे गई बिजली रात दस बजे तक भी बहाल नहीं हो सकी।

उमस ने बढ़ाई मुश्किल

बिजली कटने के साथ ही पूरी सोसायटी अंधेरे में डूब गई। डीजी सेट में डीजल नहीं होने के कारण बैकअप आपूर्ति शुरू ही नहीं हो सकी। बारिश के बाद बढ़ी उमस से फ्लैटों में रहना मुश्किल हो गया। महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों की परेशानी सबसे ज्यादा रही। रात दस बजे तक भी कई घरों में खाना भी नहीं बन सका और लोग बिजली बहाल होने का इंतजार करते रहे।
बिना डीजल बंद पड़ा डीजी सेट

बिल्डर पर उठे सवाल

सोसायटीवासियों ने बिल्डर प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि तीन रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से मेंटेनेंस शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन डीजी सेट के लिए डीजल तक उपलब्ध नहीं रखा गया। लोगों का कहना है कि यदि समय पर डीजल की व्यवस्था होती तो सैकड़ों परिवारों को घंटों अंधेरे और उमस में नहीं रहना पड़ता। सोसायटी में अभी अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) का गठन भी नहीं हुआ है और मेंटेनेंस का जिम्मा बिल्डर के पास ही है।

प्रबंधन ने दी सफाई
सोसायटी के मेंटेनेंस मैनेजर शिवम ने बताया कि डीजी सेट के लिए डीजल नोएडा से मंगाया गया था, लेकिन कांवड़ यात्रा के चलते कई रास्ते बंद होने से वाहन समय पर नहीं पहुंच सका। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है। शिवम का दावा है कि करीब 550 फ्लैटों में से केवल 200 से 225 फ्लैट मालिक ही नियमित मेंटेनेंस जमा कर रहे हैं, जबकि बाकी फ्लैट मालिकों पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का मेंटेनेंस बकाया है।
बिना बिजली के सोसायटी में छाया अंधेरा

दावों पर विवाद

प्रबंधन के दावों को सोसायटीवासियों ने पूरी तरह खारिज कर दिया। निवासी अनूप पाण्डेय ने कहा कि केवल 40 से 50 फ्लैट मालिकों का ही मेंटेनेंस बकाया है। उनका आरोप है कि अपनी कमी छिपाने के लिए प्रबंधन झूठे आंकड़े पेश कर रहा है। उनका कहना है कि डीजी सेट में डीजल न होना पूरी तरह लापरवाही का मामला है और इसका खामियाजा सैकड़ों परिवारों को भुगतना पड़ा। समाचार लिखे जाने तक भी सोसायटी में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
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