गाजियाबाद। मुल्तानी समाज ने अपनी 116 साल पुरानी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रावण ज्योत महोत्सव श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाया। अखिल मुल्तानी कल्याण सेवा ट्रस्ट की ओर से पुराने शहर के बजरिया स्थित मदन दी हट्टी परिसर में विशाल भंडारे और सहभोज का आयोजन किया गया। महादेव भोलेनाथ और मां गंगा को भोग अर्पित करने के बाद भंडारे का शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। शाम को मुरादनगर के छोटा हरिद्वार स्थित मुल्तानी घाट पर मां गंगा की महाआरती और महाज्योत विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।
मुल्तान से चली परंपरा
श्रावण ज्योत महोत्सव की शुरुआत अविभाजित पंजाब के मुल्तान से हुई थी। वर्ष 1911 में मुल्तान में रहने वाले सनातन समाज ने भक्त रूपचंद जी के नेतृत्व में राष्ट्रधर्म और सर्वकल्याण की प्रार्थना के संकल्प के साथ अखंड ज्योत लेकर हरिद्वार की यात्रा की थी। वहां मां गंगा का पूजन और प्रार्थना की गई। इसके बाद यह परंपरा हर साल होने वाले धार्मिक उत्सव में बदल गई। 1947 के विभाजन के बाद मुल्तान से दिल्ली-एनसीआर में आकर बसे परिवारों ने भी इस परंपरा को जारी रखा। हरिद्वार के साथ दिल्ली-एनसीआर में यमुना तट और गाजियाबाद-मुरादनगर के छोटा हरिद्वार में भी श्रावण ज्योत महोत्सव मनाया जाने लगा।
भंडारे में दिखा मुल्तानी स्वाद
बजरिया में हुए सहभोज में मुल्तानी समाज की पारंपरिक खान-पान की झलक भी देखने को मिली। भंडारे में मुल्तानी मोठ कचौड़ी, मोठ चावल, पिंडी छोले, मलाईदार खीर, दाल हलुआ और मालपुड़े परोसे गए। मुख्य ट्रस्टी विनय कक्कड़ ने बताया कि यह आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, भक्ति, सामाजिक सौहार्द और अपनी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। ट्रस्ट के सेवा प्रकल्प मुल्तान बिरादरी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष डीके गांधी ने बताया कि सहभोज में लोगों ने पारंपरिक मुल्तानी व्यंजनों का आनंद लिया।
राजनीतिक दलों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, जगदीश साधना, पूर्व मेयर आशु वर्मा, इंद्रजीत सिंह टीटू, बालप्रीत सिंह, गौरव चोपड़ा, प्रदीप चौधरी, कांग्रेस नेता बिजेंद्र यादव, पूर्व विधायक केके शर्मा, अमोल खत्री और परमानंद गर्ग समेत कई व्यापारी एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। सुभाष छाबड़ा, अशोक अरोड़ा, संजीव लाहौरिया, राजू छाबड़ा, नीरज अरोड़ा, रविन्द्र आर्य, नरेंद्र गोगिया, संजीव कपूर, अनिल अरोड़ा, राकेश बाठला, अशोक आजमानी, राजकुमार नागपाल और अनिल जी भी मौजूद रहे।
संगत ने निभाई सेवा
आयोजक मंडल में डीके गांधी, एडवोकेट विनय कक्कड़ (पूर्व पार्षद), तिलक राज अरोड़ा, गुलशन भ्रामरी, पूर्व पार्षद चन्द्र प्रकाश अरोड़ा, पूर्व पार्षद सतीश चोपड़ा, अजय गंभीर, भूपेंद्र चोपड़ा, यशपाल अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, नवीन अरोड़ा, विनय कक्कड़, राजेंद्र गजवानी, सुरेंद्र अरोड़ा, प्रेम रावल, कपूर वीरभान और गौरव मल्होत्रा सहित अन्य लोगों ने संगत की सेवा की। भंडारे के बाद शाम को छोटा हरिद्वार के मुल्तानी घाट पर मां गंगा की महाआरती की गई। ‘जय गंगे मैया’ के जयघोष के बीच महाज्योत का विसर्जन हुआ और इसी के साथ श्रावण ज्योत महोत्सव संपन्न हुआ।
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