विभु मिश्रा
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की सेवी विला डे सोसायटी में पेयजल को लेकर शिकायतों के बाद मामला गंभीर हो गया है। सोसायटी के निवासियों ने पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। पानी पीने के बाद कई लोगों की तबीयत खराब होने की शिकायत सामने आई है।
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| सोसायटी में फैला सीवर का पानी |
सीवर का पानी मिलने का आरोप
निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में सीवर की सफाई का काम चल रहा है। सफाई के दौरान निकलने वाले गंदे पानी को खुले में बहाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यही गंदा पानी किसी तरह अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए पानी के टैंक तक पहुंच रहा है। इससे पेयजल के दूषित होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम से मुख्य ग्राउंड वाटर टैंक और अलग-अलग टावरों में पहुंच रहे पानी की जांच कराने की मांग की गई है।
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| सोसायटी में चल रही सीवर की सफाई |
बच्चों-बुजुर्गों को परेशानी
सोसायटी में पिछले कुछ दिनों से कई निवासियों की ओर से उल्टी-दस्त और पेट संबंधी परेशानी की शिकायत की गई है। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोगों के इस तरह की समस्या से प्रभावित होने के बाद निवासियों में पेयजल को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि सीवर का पानी वास्तव में पेयजल आपूर्ति में मिला है तो संक्रमण फैलने का खतरा और गंभीर हो सकता है।
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| जमीन में जा रहा सीवर का पानी |
जांच में सामने आया संक्रमण
इस बीच एओए सचिव सत्यजीत कुमार ने बताया कि 8 और 9 अगस्त को उन्हें कुछ लोगों की इस समस्या को लेकर शिकायत मिली थी जिसके तुरंत बाद एओए ने कदम आगे बढ़ाते हुए अंडरग्राउंड वाटर और सोसायटी की पानी की टंकियों के पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए थे। उन्होंने बताया कि टेस्टिंग एजेंसी से मिली टेलीफोनिक जानकारी के अनुसार लिए गए अंडर ग्राउंड पानी के नमूने में ई. कोली बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि लिखित रिपोर्ट आने से पहले ही उन्होंने बुधवार को सोसायटी के पानी के टैंक की सफाई के लिए एजेंसी को हायर कर लिया है। कल पानी के टैंक की सफाई कराकर उसे पनपे बैक्टीरिया को नष्ट कराया जाएगा।
सीएमओ टीम ने लिए नमूने
उन्होंने बताया कि गाजियाबाद सीएमओ कार्यालय की टीम ने भी सोसायटी क्षेत्र से पानी के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। वहीं नगर निगम को दिए गए पत्र में पानी के नमूनों की अधिकृत प्रयोगशाला से जांच कराने, बैक्टीरियोलॉजिकल और केमिकल कंटैमिनेशन की जांच कराने तथा रिपोर्ट निवासियों को उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
उबालकर पानी पीने की सलाह
जांच रिपोर्ट आने तक एओए की ओर से निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पीने और खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी को अच्छी तरह उबालकर ही प्रयोग करने तथा बिना उबला पानी नहीं पीने की अपील की गई है। यदि पानी दूषित पाया जाता है तो वैकल्पिक स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराने के लिए भी नगर निगम से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।
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