शिप्रा कृष्णा विस्टा में फिर बीच मंजिल अटकी लिफ्ट, 10 मिनट तक फंसी रही महिला

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। इंदिरापुरम की शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी में लिफ्ट के बीच रास्ते में रुकने से ए ब्लॉक की एक महिला करीब 10 मिनट तक उसके अंदर फंसी रहीं। रविवार दोपहर हुई इस घटना में महिला ने लिफ्ट के आपातकालीन बटन का इस्तेमाल कर मदद मांगी, जिसके बाद मेंटेनेंस स्टाफ ने उन्हें बाहर निकाला। घटना के बाद सोसायटी की लिफ्ट व्यवस्था और एआरडी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

चौथी-पांचवीं मंजिल के बीच फांसी लिफ्ट

रविवार दोपहर करीब एक बजे महिला ए ब्लॉक की लिफ्ट से जा रही थीं। इसी दौरान लिफ्ट चौथी और पांचवीं मंजिल के बीच रुक गई। काफी प्रयास के बाद भी लिफ्ट आगे नहीं चली तो महिला ने अंदर लगे आपातकालीन बटन को दबाया। सूचना मिलने पर मेंटेनेंस स्टाफ मौके पर पहुंचा और करीब 10 मिनट बाद उन्हें लिफ्ट से बाहर निकाला गया।

एआरडी सिस्टम पर उठे सवाल

घटना के बाद लिफ्ट में लगे एआरडी (Automatic Rescue Device) सिस्टम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस सिस्टम का उद्देश्य बिजली या तकनीकी समस्या की स्थिति में लिफ्ट को सुरक्षित तरीके से नजदीकी मंजिल तक पहुंचाने में मदद करना होता है। निवासियों के मुताबिक, इस घटना में सिस्टम अपेक्षित तरीके से काम करता नजर नहीं आया। ऐसे में लिफ्ट के सुरक्षा उपकरणों की जांच और उनकी कार्यक्षमता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

पहले भी अटक चुकी है लिफ्ट

संजय सक्सेना
स्थानीय निवासी संजय सक्सेना के मुताबिक, सोसायटी में लिफ्ट के बीच रास्ते में अटकने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी लिफ्ट के बीच में रुकने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। संजय सक्सेना ने बताया कि उन्होंने ताजा मामले की शिकायत सोसायटी के माई गेट पर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

जांच और निगरानी पर सवाल

संजय सक्सेना का कहना है कि लिफ्ट में खराबी आने पर यात्रियों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था के साथ सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच भी जरूरी है। घटना के बाद निवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि लिफ्ट के रखरखाव और आपातकालीन सुरक्षा प्रणाली की निगरानी किस तरह की जा रही है।

जवाबदेही को लेकर भी सवाल

लिफ्ट सुरक्षा नियमों के अनुपालन और उनकी निगरानी को लेकर भी निवासी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए स्तर पर है, तो प्रशासनिक स्तर पर इसकी निगरानी और जांच की व्यवस्था भी स्पष्ट होनी चाहिए। ताजा घटना के बाद निवासी लिफ्ट और उसके आपातकालीन सिस्टम की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
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