8 साल पुराना कंप्यूटर भी दौड़ेगा फर्राटे से, JioPC ने निकाला सस्ता जुगाड़; कीमत सिर्फ 1,000 रुपये

मौन एक्सप्रेस डेस्क
पुराना कंप्यूटर बार-बार हैंग होता है, ऐप खुलने में समय लगता है या नए सॉफ्टवेयर चलाने में दिक्कत आती है तो अब तुरंत नया PC खरीदने की जरूरत नहीं है। रिलायंस जियो ने JioPC के जरिए इसका एक अलग समाधान पेश किया है। यह क्लाउड आधारित वर्चुअल कंप्यूटर सर्विस है, जिसमें कंप्यूटिंग पावर और स्टोरेज क्लाउड पर मिलती है। इसकी शुरुआत 1,000 रुपये से होती है और हाई-एंड प्लान में 16GB RAM तथा 1TB क्लाउड स्टोरेज तक का विकल्प मिलता है।

पुराने PC को मिलेगा क्लाउड का दम

JioPC की खासियत यह है कि कंप्यूटर का सारा काम सिर्फ उसकी अपनी RAM और प्रोसेसर पर निर्भर नहीं रहता। क्लाउड पर उपलब्ध कंप्यूटिंग संसाधनों का इस्तेमाल करके पुराने सिस्टम पर भी अपेक्षाकृत ज्यादा क्षमता वाले वर्चुअल कंप्यूटर का अनुभव लिया जा सकता है। जियो का कहना है कि करीब आठ साल पुराने कंप्यूटर को भी JioPC के जरिए आधुनिक कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि सिर्फ ज्यादा स्पीड के लिए पुराने कंप्यूटर का प्रोसेसर, RAM या स्टोरेज बदलने की जरूरत कम हो सकती है।

1,000 रुपये में 8GB RAM

JioPC के प्लान 1,000 रुपये से शुरू होते हैं। शुरुआती विकल्प में 8GB RAM और 500GB क्लाउड स्टोरेज मिलता है। इसकी दो महीने की कीमत 1,000 रुपये है। वहीं JioPC Ultra में 8 CPU, 16GB RAM और 1TB क्लाउड स्टोरेज दिया जाता है। इसके दो महीने के प्लान की कीमत 1,200 रुपये है। लंबी अवधि के लिए 5 महीने और 10+2 महीने के विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत कॉन्फिगरेशन के हिसाब से बढ़ती है।

अब JioHome जरूरी नहीं

JioPC को लेकर एक अहम बदलाव यह है कि अब इसका इस्तेमाल केवल JioHome ब्रॉडबैंड यूजर्स तक सीमित नहीं है। किसी भी भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्शन के जरिए इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। यूजर अपने मौजूदा लैपटॉप या डेस्कटॉप से JioPC को एक्सेस कर सकता है। यानी जिस कंप्यूटर का हार्डवेयर नए सॉफ्टवेयर और ज्यादा संसाधन वाले कामों के लिए कमजोर पड़ रहा है, उसके जरिए क्लाउड पर ज्यादा ताकतवर वर्चुअल मशीन इस्तेमाल की जा सकती है।

पढ़ाई से AI तक काम

JioPC को ऑनलाइन पढ़ाई, ऑफिस के काम, वेब ब्राउजिंग, दस्तावेज तैयार करने और AI आधारित टूल्स के इस्तेमाल जैसे कामों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। इसमें Ubuntu/Linux आधारित वातावरण और LibreOffice जैसे सॉफ्टवेयर का विकल्प मिलता है। हालांकि क्लाउड PC का अनुभव इंटरनेट की गुणवत्ता पर भी निर्भर करेगा। इसलिए कमजोर या अस्थिर इंटरनेट कनेक्शन होने पर इसका फायदा सीमित हो सकता है।

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