विभु मिश्रा
नोएडा। सेक्टर-19 के ए-ब्लॉक में सड़कों की बदहाल स्थिति अब प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। यहां पिछले 8-9 वर्षों से सड़कों की समुचित मरम्मत और री-सर्फेसिंग नहीं कराई गई है, जबकि नोएडा के दूसरे सेक्टरों में यह काम लगातार हो रहा है। लंबे समय से बनी इस समस्या को लेकर कोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। संगठन ने सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ ही विभागीय कार्यों के बाद क्षतिग्रस्त रास्तों को भी दुरुस्त कराने की मांग की है।
पांच साल का नियम भी बेअसर
कोनरवा नोएडा चैप्टर ने 30 अक्टूबर 2026 को प्राधिकरण के जनरल मैनेजर एसपी सिंह को पत्र भेजकर ए-ब्लॉक की सड़कों की स्थिति से अवगत कराया है। संगठन ने कहा कि नियमानुसार करीब पांच साल के अंतराल पर सड़कों की री-सर्फेसिंग कराई जानी चाहिए, लेकिन यहां आठ से नौ साल बीतने के बाद भी यह काम नहीं हुआ। दूसरी ओर, नोएडा के कई अन्य सेक्टरों में सड़कों की री-सर्फेसिंग कराई जा रही है। ऐसे में ए-ब्लॉक की लगातार अनदेखी समझ से परे है। कोनरवा ने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया या किसी तकनीकी कारण से पूरी सड़क की मरम्मत में देरी हो रही है तो कम से कम सबसे अधिक खराब हिस्सों को तत्काल ठीक कराया जाए। संगठन पहले भी इस समस्या से सीनियर मैनेजर कपिल सिंह को अवगत करा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
खुदाई के बाद नहीं होती मरम्मत
संगठन ने प्राधिकरण के विभिन्न विभागों की ओर से सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें ठीक नहीं कराने का मुद्दा भी उठाया है। पत्र में कहा गया है कि जलापूर्ति और अन्य विभागीय कार्यों के लिए सड़कें खोदी जाती हैं, लेकिन काम पूरा होने के बाद उन्हें पहले जैसी स्थिति में नहीं लाया जाता। भवन निर्माण के दौरान भी सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं। इसके बावजूद संबंधित सुपरवाइजर और जूनियर इंजीनियर की जानकारी में होने के बाद भी उनकी समुचित मरम्मत नहीं कराई जाती। इससे सड़कों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। संगठन का सवाल है कि जब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही भी इन्हीं रास्तों से होती है तो फिर उन्हें इनकी बदहाली दिखाई क्यों नहीं देती।
वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
कोनरवा अध्यक्ष डॉ. पीएस जैन और जनरल सेक्रेटरी राजीव गर्ग ने प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। संगठन ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं, ताकि सेक्टर-19 के ए-ब्लॉक की सड़कों की मरम्मत और री-सर्फेसिंग में और देरी न हो। साथ ही, जलापूर्ति अथवा अन्य विभागीय कार्यों और भवन निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने की व्यवस्था भी की जाए। संगठन ने इस समस्या के स्थायी समाधान और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।
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